उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में सामने आया छांगुर बाबा का मामला छाया हुआ है। अब आगरा पुलिस ने धर्मांतरण के मामले में शामिल एक और गिरोह के बारे में खुलासा किया है। यह गिरोह भी ISI मॉड्यूल की तर्ज पर काम करता है। लव जिहाद और धर्मांतरण के मामले में यह छांगुर बाबा गिरोह से भी खतरनाक बताया जा रहा है। इस गिरोह में हर आदमी को अलग-अलग काम दिया गया है। ब्रेनवॉश करने के लिए भी स्पेशल टीमें रखी गई हैं। गिरोह में फंड प्राप्त करना, विदेशी रकम को एजेंटों तक पहुंचाना, गुर्गों को सेफ ठिकानें उपलब्ध करवाना, फोन और सिम वितरित करने के अलावा कानूनी जानकारी प्राप्त करने के लिए भी स्पेशल और अलग-अलग मेंबर रखे हुए थे। लड़कियों को अपने प्रेमजाल में फंसाने के लिए युवाओं की एक अलग ट्रेंड टीम रखी गई थी। इसके बाद धर्मांतरण करवाया जाता था।
कई तरह के वादे किए जाते थे
इस टीम के लोग लड़कियों को कई तरह के झूठे वादे करके बरगलाते थे। एक टीम के जिम्मे धर्मांतरण संबंधी कागज तैयार करवाने का जिम्मा था। इसके अलावा जो युवतियां जाल में फंस जाती थीं, अगर उनका मन बदलने लगता था तो एक विशेष टीम गठित की गई थी। इस टीम के जिम्मे उन लड़कियों का ब्रेनवॉश करना था।
कोलकाता में की गई रेड
पुलिस के अनुसार इस हाईप्रोफाइल मामले में गोपनीय तरीके से जांच की गई है। इस गिरोह के संपर्क में आगरा की 2 बहनें भी आई थीं, जिनका धर्मांतरण करवाया जा चुका है। सूत्रों के मुताबिक इन लड़कियों की मौजूदगी का कोलकाता में पता लगा था। दोनों को मुस्लिम बाहुल्य इलाके में ठहराया गया था। यूपी पुलिस ने वहां रेकी कर बंगाल पुलिस की मदद ली थी। इसके बाद दबिश देकर दोनों बहनों को मुक्त करवा लिया गया। मामले में पहले 4 लोगों को अरेस्ट किया गया था। इसके बाद अलग-अलग राज्यों से आरोपियों को अरेस्ट किया गया।
10 लोग गिरफ्तार
इस गिरोह को भी कनाडा, यूएस, दुबई समेत कई देशों से करोड़ों रुपये की फंडिंग हुई है। 6 राज्यों से पुलिस 10 लोगों को अरेस्ट कर चुकी है। गिरोह के तार ISI, PFI और SDPI जैसे संगठनों से जुड़े मिले हैं।



