Vedant Samachar

भारत में न हो क्रिप्टोकरेंसी का गंदा खेल…RBI जल्द ला सकता है नई पॉलिसी

Vedant Samachar
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भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर लंबे समय से चर्चाएं तो हो रही हैं, लेकिन अब लगता है कि असली एक्शन शुरू होने वाला है. डिजिटल सिक्कों की इस दुनिया में जहां एक ओर अमेरिका जैसे देश खुलकर मैदान में उतर चुके हैं, वहीं भारत अब तक किनारे खड़ा देख रहा था. लेकिन अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने साफ संकेत दे दिए हैं देश में क्रिप्टो का खेल यूं ही बिना नियमों के नहीं चलने वाला. RBI जल्द ही एक ठोस और सख्त नीति लाने की तैयारी में है.

दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इन दिनों क्रिप्टोकरेंसी पर दुनिया भर में हो रहे बदलावों पर करीबी नजर रख रहा है. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने हाल ही में संसद की वित्त मामलों की स्थायी समिति को बताया कि भारत भी क्रिप्टो पर एक पॉलिसी पेपर लाने की तैयारी कर रहा है. यह पेपर सरकार के उच्च स्तर से मंजूरी मिलने के बाद जल्द जारी किया जा सकता है.

अमेरिका में ट्रंप से मिली क्रिप्टो को रफ्तार
दुनिया भर में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर चर्चा फिर से तेज हो गई है, खासकर अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के रुख में बदलाव के बाद. पहले क्रिप्टो के खिलाफ रहने वाले ट्रंप अब इसके समर्थन में आ गए हैं. उनके नेतृत्व में अमेरिका न सिर्फ बिटकॉइन रिजर्व बना रहा है, बल्कि क्रिप्टो को लेकर सकारात्मक कानून बनाने की तैयारी में भी है.

भारत में क्रिप्टो की जरूरत नहीं?
संजय मल्होत्रा का कहना है कि भारत में डिजिटल लेनदेन के लिए पहले से ही UPI जैसी मजबूत प्रणाली है, जो बेहतरीन ढंग से काम कर रही है. इसलिए फिलहाल क्रिप्टोकरेंसी की देश में जरूरत महसूस नहीं होती. हालांकि, RBI इस पर काम कर रहा है ताकि भविष्य में कोई स्पष्ट नीति हो.

RBI क्यों है क्रिप्टो को लेकर चिंतित?
RBI पहले भी क्रिप्टो को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर चुका है. बैंक का कहना है कि क्रिप्टो का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को फंडिंग देने जैसे गलत कामों में हो सकता है. इसके अलावा यह देश की आर्थिक स्थिरता को भी नुकसान पहुंचा सकता है.

RBI खुद बना रहा है डिजिटल करेंसी
RBI फिलहाल अपनी खुद की डिजिटल करेंसी (CBDC) पर काम कर रहा है, जो क्रिप्टो का एक सुरक्षित और अधिक भरोसेमंद विकल्प होगी. वहीं भारत सरकार ने क्रिप्टो पर 30% टैक्स तो लगाया है, लेकिन अभी तक इसे कानूनी मान्यता नहीं दी है. देश में काम करने वाले क्रिप्टो एक्सचेंज को फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) में रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य कर दिया गया है.

भारत की अर्थव्यवस्था पर भी चर्चा
RBI ने समिति को यह भी बताया कि भारत आने वाले समय में दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा. हालांकि, वैश्विक तनाव और बाजार की अनिश्चितता से महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है. अंतरराष्ट्रीय एजेंसी S&P ने भी भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान 6.3% से बढ़ाकर 6.5% कर दिया है.

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