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इन देशों में भी मिलता है गोल्डन वीजा, कुछ ऐसी होती हैं सुविधाएं

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अभी हाल ही में यूएई ने गोल्डन वीजा को लेकर बड़ा फैसला लिया है, जिसने नॉमिनेशन बेस वीजा जारी करने का ऐलान किया है, जिसके जरिए बिजनेस और प्रापर्टी में निवेश के बिना वीजा पाया जा सकता है. यूएई के अलावा भी यूरोप के देश साइप्रस, ग्रीस, माल्टा, इटली, स्पेन, हंगरी और लातविया यह वीजा प्रोवाइड कराते हैं. आइए इनमें से कुछ देशों का उदाहरण लेते हुए समझते हैं कि यूरोप के देशों में गोल्डन वीजा के लिए कितनी फीस देनी होती है और उनके तहत सुविधाएं क्या मिलती हैं.

गोल्डन वीजा के लिए जिन-जिन देशों की ओर से प्रोवाइट कराया जाता है. सभी की ओर से कुछ तय नियम होते हैं. यूरोप के देशों की बात करें तो वहां पर जो देश यह वीजा ऑफर करता है. उस देश में निवेशक को रियल एस्टेट या फिर किसी बिजनेस में निवेश करने की आवश्यकता होती है. सभी प्रोवाइडर देशों के गोल्डन वीजा से जुड़े नियम अलग-अलग हैं. वीजा से जुड़े नियमों के बारे में गोल्डन वीजा क्या होता है यह जानना भी जरूरी है.

गोल्डन वीजा क्या है?
गोल्डन वीजा एक विशेष निवेश-आधारित रेजीडेंसी प्रोग्राम है, जो अमीर व्यक्तियों को किसी देश में निवेश के बदले रेजीडेंसी या नागरिकता प्रदान करता है. यह प्रोग्राम यूरोप के कई देशों जैसे इटली, स्पेन, ग्रीस और मध्य पूर्व के यूएई में लोकप्रिय है. यह निवेशकों को न केवल रहने का अधिकार देता है, बल्कि वीजा-मुक्त यात्रा, टैक्स लाभ के साथ-साथ परिवार के लिए सुविधाएं भी प्रदान करता है. लेकिन,

इटली का गोल्डन वीजा
इटली का गोल्डन वीजा प्रोग्राम को इन्वेस्टर वीजा फॉर इटली कहा जाता है. इसे साल 2017 में शुरू किया था. इसके लिए निवेशक को न्यूनतम निवेश €250,000 (लगभग ₹2.34 करोड़) स्टार्टअप्स में, €500,000 सरकारी बॉन्ड में या €2 मिलियन रियल एस्टेट में लगाने होते हैं. यह वीजा दो साल के लिए वैध होता है और इसे रिन्यू किया जा सकता है. वहीं, निवेश के अलावा, आवेदन शुल्क 2 करोड़ से 5 करोड़ रुपये तक लग सकता है.

सुविधाएं
इस वीजा के तहत निवेशक और उनके परिवार को इटली में रहने, काम करने और पढ़ाई करने का अधिकार मिलता है. शेंगेन क्षेत्र में वीजा-मुक्त यात्रा और पांच साल बाद स्थायी रेजीडेंसी के लिए आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है. इसके साथ ही अगर कोई स्थायी निवास चाहता है तो उसे कम से कम 5 साल तक इटली में रहना होगा.

स्पेन का गोल्डन वीजा
स्पेन का गोल्डन वीजा प्रोग्राम €500,000 (लगभग ₹4.68 करोड़) के रियल एस्टेट निवेश पर आधारित है. मलतब कि इसके लिए आपको कम से कम 4. 50 करोड़ रुपये का रियल एस्टेट में निवेश करना जरूरी होगा. यह वीजा पहले एक साल के लिए जारी होता है, जिसे बाद में हर दो साल में रिन्यू किया जा सकता है.

सुविधाएं– निवेशक को स्पेन में रहने, काम करने और शेंगेन क्षेत्र में वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा मिलती है. इसमें परिवार के सदस्यों को भी शामिल किया जा सकता है.

ग्रीस का गोल्डन वीजा
ग्रीस का गोल्डन वीजा प्रोग्राम सबसे किफायती है, जिसमें €250,000 (लगभग ₹2.34 करोड़) के रियल एस्टेट निवेश की आवश्यकता होती है. यह वीजा स्थायी रेजीडेंसी प्रदान करता है. वहीं, इसको बनवाने में कानूनी फीस तकरीबन 2 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक आ सकती है.

सुविधाएं- शेंगेन क्षेत्र में वीजा-मुक्त यात्रा, परिवार के लिए रेजीडेंसी और सात साल बाद नागरिकता के लिए आवेदन की सुविधा मिलती है.

यूएई का गोल्डन वीजा
यूएई ने हाल ही में नॉमिनेशन-बेस गोल्डन वीजा शुरू किया है, जिसमें 1 लाख दिरहम (लगभग ₹23.3 लाख) की एकमुश्त फीस देकर आजीवन रेजीडेंसी की सुविधा दी जा रही है.

सुविधाएं- वहीं, अगर इस वीजा प्रोग्राम के तहत मिलने वाली सुविधा की करें, तो उसमें सात अमीरात में रहने का अधिकार, परिवार को शामिल करने की सुविधा और बिना ट्रेड लाइसेंस या संपत्ति खरीद के रेजीडेंसी की सुविधा मिलेगी.

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