Vedant Samachar

तेजी के बीच आखिर क्यों हो रहा है निवेशकों का दलाल स्ट्रीट से मोहभंग, ये है कारण

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शेयर बाजार में पिछले 4 दिनों से लगातार तेजी देखने को मिल रही है. दलाल स्ट्रीट में हरियाली आई है. लेकिन इसी बीच रणनीतिक निवेशकों ने मार्केट के बड़े दिग्गजों ने भारतीय बाजार से 1 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली की है. आइए आपको इसके पीछे के कारण के बारे में बताते हैं. आखिर दलाल स्ट्रीट से निवेशकों का मोहभंग क्यों हो रहा है?

भारतीय शेयर बाजार में पिछले कई दिनों से उठा-पटक देखने को मिल रही है. मार्केट में विदेशी निवेशक और घरेलू निवेशक लगातार पैसा डाल रहे हैं. रणनीतिक निवेशक अनिश्चितता और हाई वैल्यूएशन के चलते मार्केट से पैसे निकाल रहे हैं. पिछले 2 महीनों में प्रमोटर्स और पीई फर्मों ने एक लाख करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं. वहीं, अकेले प्रमोटरों ने लगभग 61,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं, जबकि पीई/वीसी फर्मों ने लगभग 28,000 करोड़ रुपये निकाले हैं. अगर इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से एशियन पेंट्स में 9,580 करोड़ रुपये की बिक्री और बाकी की ब्लॉक डील को जोड़ दें तो यह आंकड़ा 1 लाख करोड़ रुपये के पार चला जाता है.

मई में शुरू हुई बिकवाली
मई से ही प्रमोटर्स ने अपने शेयर बेचना शुरू कर दिए. इंडिगो के को-फाउंडर राकेश गंगवाल ने 27 मई को इंटरग्लोब एविएशन में अपनी स्टेक ट्रिम करके 11,560 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. अगले दिन, ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको (BAT) ने ITC में अपनी 2.5% स्टेक 12,900 करोड़ रुपये में ऑफलोड की, जो कि सबसे बड़े सिंगल-डे एक्जिट्स में से एक है. सिंगापुर टेलीकम्युनिकेशन्स भी पीछे नहीं रहा, उन्होंने 16 मई को भारती एयरटेल के शेयर 12,880 करोड़ रुपये में बेचे.

जून में भी पेस नहीं रुका
जून में भी यह सेलिंग का क्रेज जारी रहा है. विशाल मेगा मार्ट के प्रमोटर ने 19.6% स्टेक म्यूचुअल फंड्स को 10,220 करोड़ रुपये में बेची बजाज फिनसर्व के प्रमोटर ने भी 5,500 करोड़ रुपये के शेयर ऑफलोड किए और गुरुवार को PB फिनटेक, मोबिक्विक, कोफोर्ज, और डेल्हीवरी के ब्लॉक डील्स से ये नंबर्स और बढ़ेंगे.

प्रमोटर्स क्यों बेच रहे हैं?
प्राइम डेटाबेस के एमडी प्रणव हल्दिया ने ETMarkets को बताया कि मार्केट में डोमेस्टिक इनवेस्टर्स और म्यूचुअल फंड्स के पास ढेर सारा पैसा है, और अब FIIs भी वापस आ गए हैं, जिससे लिक्विडिटी बढ़ गई है. इस वजह से ब्लॉक और बल्क डील्स का ट्रेंड चल रहा है. हल्दिया ने PE/VC फर्म्स के एक्जिट्स को मार्केट के मेच्योर होने का साइन बताया. PE/VC फर्म्स IPOs और ब्लॉक डील्स के थ्रू शेयर बेच रहे हैं, जो कैपिटल मार्केट इकोसिस्टम के डीप होने का साइन है. यह वेस्टर्न मार्केट्स जैसा है. इससे वो अपने इनवेस्टर्स को पैसा रिटर्न करते हैं और नए कंपनियों में इन्वेस्ट करने के लिए फंड्स रेज करते हैं.

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