हिमाचल प्रदेश,25जून : हिमाचल प्रदेश देशभर में मॉनसून की एंट्री ने जहां किसानों के चेहरों पर खुशी लाई, वहीं कई इलाकों में तबाही का सबब भी बन रही है। इस बीच ताज़ा मामला हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से सामने आया है, जहां सैंज घाटी में अचानक बादल फटने से अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद इलाके में जीवा नाले में उफान आ गया, जिससे आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है और स्थानीय निवासियों से नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है।
हालात पर नजर बनाए हुए हैं प्रशासनिक दल
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल मौके पर मुस्तैद हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पार्वती नदी का जलस्तर भी खतरनाक स्तर के करीब पहुंच चुका है। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जोखिम को देखते हुए एहतियाती कदम तेज़ी से उठाए जा रहे हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी… अगले 24 घंटे बेहद अहम
भारतीय मौसम विभाग ने हिमाचल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मॉनसून की रफ्तार इस बार सामान्य से ज्यादा तेज है, जिससे कई राज्यों में एक साथ बारिश का दबाव बन रहा है।
गुजरात में बाढ़ जैसे हालात, तीन जिलों में रेड अलर्ट
हिमाचल के अलावा गुजरात भी मॉनसून की चपेट में आ गया है। राज्य के 26 जिलों में भारी बारिश की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खास तौर पर तीन जिलों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात पूरी तरह बाधित हो चुका है, वहीं कई जगहों पर लोग अपने घरों में फंसे हुए हैं। राहत और बचाव कार्य जोरों पर हैं।
राजस्थान में भी झमाझम बारिश, जयपुर में सड़कें बनी दरिया
राजस्थान भी मॉनसून की मार झेल रहा है। मंगलवार को राजधानी जयपुर समेत कई जिलों में तेज़ बारिश ने सामान्य जीवन को प्रभावित किया। जलभराव की स्थिति के चलते कई इलाकों में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई, और प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है।



