48 घंटे में हो जाती है मौत, अफ्रीका में फैली खतरनाक बीमारी, नहीं हो पा रही पहचान

अफ्रीका में हर कुछ महीने में किसी न किसी वायरस और बीमारी के मामले सामने आते है. अब अफ्रीका के कांगों में एक अजीब बीमारी फैल रही है. जिससे संक्रमित होने पर मरीज की 48 घंटों में मौत हो जाती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन इस बीमारी के बारे में पता लगा रहा है.

अफ्रीका के कांगों में एक बीमारी से 50 से अधिक मरीजों की मौत हो गई है. चिंता की बात यह है कि लक्षण दिखने के 48 घंटे के भीतर इस बीमारी में मौत हो रही है. बीमारी की पहचान तो नहीं हो पाई है लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन की जांच में पता चला है कि इससे संक्रमित कुछ लोगों ने चमगादड़ खाया था और उसके बाद बुखार आने से मौत हो गई. अफ्रीका के अलग- अलग इलाकों में इस बीमारी के कुल 419 मामले आ चुके हैं और 53 मौतें हो गई हैं, लेकिन बीमारी क्या है इसकी पहचान अभी तक भी नहीं हो पाई है.

संक्रमित मरीजों के कई सैंपल लिए गए हैं. इसिमें इबोला. मारबर्ग के सैंपल भी ले, लेकिन सभी मरीज की रिपोर्ट निगेटिव आई है. हालांकि कुछ लोगों के सैंपल में मलेरिया की पहचान हुई है, लेकिन यह साफ तौर पर पता नहीं लग पाया है कि ये मलेरिया ही है या कुछ और बीमारी है. मलेरिया के तरह लक्षण तो दिखे हैं लेकिन मरीजों में मच्छर से संक्रमण नहीं देखा गया है. जितने लोगों की मौत हुई है उनमें अधिकतर को इंटरनल ब्लीडिंग और तेज बुखार हुआ था.

बीमारी को रोकने की कोशिश
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि इस बीमारी को रोकने की कोशिश की जा रही है. संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की जांच हो रही है, जिन लोगों की मौत हुई है उनमें ये भी देखा गया है कि कहीं पहले से कोई गंभीर बीमारी तो नहीं थी. जिन मरीजों में इंटरनल ब्लीडिंग से मौत हुई है उनकी मेडिकल हिस्ट्री की भी जांच की जा रही है. लेकिन बीमारी की पहचान नहीं हुई है.

जानवरों से इंसानों में आ रही बीमारियां
WHO ने कहा है कि बीते एक दशक में जानवरों से इंसानों में कई बीमारियां फैल रही है. अफ्रीका में ऐसी बीमारियों के मामलों में 60 फीसदी का इजाफा हुआ है. इनमें चमगादड़, बंदर और पक्षियों से सबसे ज्यादा बीमारियां और वायरस फैले हैं. पक्षियों से फैलने वाले बर्ड फ्लू के मामले तो दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे हैं. अब इससे इंसान भी संक्रमित हो रहे हैं. इन खतरों के बीच अफ्रीका से फैली ये नई बीमारी का बड़ा खतरा बनने की आशंका जताई जा रही है.

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