ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग और तेज हो चुकी है। शुक्रवार रात को ईरान ने इजरायल पर कई मिसाइलें दागी हैं। मिडिल ईस्ट में लगातार हालात बिगड़ते जा रहे हैं। दोनों देशों के बीच शुरू हुई सैन्य तनातनी रुकने का नाम नहीं ले रही है। रोजाना एक-दूसरे पर घातक हथियारों से हमले किए जा रहे हैं। शुक्रवार देर रात को ईरान ने इजरायल के सेंट्रल इलाकों पर मिसाइलें दागी हैं।
कई इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। कई इमारतें भी जलकर राख हो गईं। हालांकि किसी प्रकार के जानी नुकसान की बात सामने नहीं आई है। ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय के सूत्रों के अनुसार इस युद्ध को चाहें तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रुकवा सकते हैं। उनकी एक कॉल से जंग रुक जाएगी।
हमला बंद करे इजरायल, तभी बातचीत
हालांकि ईरान ने स्पष्ट किया है कि जब तक इजरायल हमला करता रहेगा, तब तक किसी प्रकार की बातचीत संभव नहीं है। सूत्रों के मुताबिक अब बड़े पैमाने पर अमेरिकी लोगों ने ईरान छोड़ दिया है। ईरान अपना एयर स्पेस बंद कर चुका है। इस वजह से अमेरिकी नागरिक जमीनी रास्तों के जरिए ईरान से निकले हैं।
बताया जा रहा है कि ईरानी सुरक्षा बलों ने कुछ अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में भी लिया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसको लेकर अभी पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, मध्य ईरान के शहर कुम में एक रिहायशी इमारत पर भी हमला किए जाने का मामला सामने आया है।
हमलें में दो लोगों की मौत
हमले में 2 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि इस इमारत की चौथी मंजिल पर भीषण क्षति पहुंची है। मारे गए लोगों में एक 16 साल का किशोर भी शामिल है। इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ईरान में हवाई हमले तेज करने की बात कह चुकी है।
वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने जंग के बीच एक बार फिर अमेरिका पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका पर किसी भी सूरत में भरोसा नहीं किया जा सकता। एक चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि अमेरिका ने उनके साथ कूटनीतिक भेदभाव किया है।



