भिलाई,18जून 2025(वेदांत समाचार): हैदराबाद के हॉस्पिटल प्रोजेक्ट में डायरेक्टर पद देने का झांसा देकर भिलाई की महिला से 60 लाख रुपए की धोखाधड़ी हो गई। इस मामले में पीड़ित महिला की शिकायत के बाद आरोपी को दुर्ग पुलिस ने हैदराबाद से ट्रांजिट रिमांड पर गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी ने धोखाधड़ी के पैसों से फॉर्च्यूनर कार, महंगे मोबाइल के साथ काफी महंगे आइटम खरीदे थे। भिलाई की सुपेला थाना क्षेत्र निवासी विनीता गुप्ता ने अक्टूबर 2024 में थाना सुपेला में एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 में तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के निवासी सिद्धार्थ गौड़ा से उनकी मुलाकात हुई थी।
आरोपी ने खुद को एक बड़ा मेडिकल बिजनेसमैन बताया और कहा कि हैदराबाद में उसका एक बड़ा हॉस्पिटल प्रोजेक्ट चल रहा है। इसके बाद उसने उन्हें डायरेक्टर पद दिलाने का ऑफर दिया। ठग की बातों में आकर विनीता ने अलग-अलग किश्तों में कुल 60 लाख रुपए सीधे बैंक खाते के माध्यम से सिद्धार्थ को ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब विनीता प्रोजेक्ट साइट देखने हैदराबाद पहुंची तो आरोपी सिद्धार्थ ने किसी दूसरे की प्रोजेक्ट की साइट दिखा कर कहा कि यही हमारा प्रोजेक्ट है। इसके बाद आरोपी ने विनीता को डायरेक्टर पर देने से मना कर दिया। जब महिला ने वास्तविकता का पता किया जब असलियत सामने आई। पता चला कि इस प्रकार का कोई हॉस्पिटल का प्रोजेक्ट आरोपी की ओर से नहीं चलाया जा रहा है।
धोखाधड़ी होने पर विनीता ने दुर्ग के थाना सुपेला में आरोपी के खिलाफ शिकायत की। महिला की शिकायत पर पुलिस ने थाने में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया और लगातार स्थान बदलते हुए खुद को छिपाता रहा। इस दौरान दुर्ग पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी साइबराबाद (सिकंदराबाद) में छिपकर रह रहा है। यह सूचना मिलते ही फौरन पुलिस की टीम रवाना की गई और आरोपी को ट्रांजिट डिमांड पर दुर्ग लेकर आई, जिसके बाद कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
भिलाई नगर के सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि इस मामले में जांच के दौरान दुर्ग पुलिस को पता चला कि आरोपी ने धोखाधड़ी के पैसों से खूब ऐश किया। उसने ठगी के पैसों से फॉर्च्यूनर कार, महंगे मोबाइल के साथ कई महंगे आइटम खरीदे हैं, जिसे आरोपी के कब्जे से बरामद कर दुर्ग लाया गया है । सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि सिद्धार्थ गौड़ा के खिलाफ पहले से भी कई धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। साइबराबाद के गाचीबावली थाने में उस पर मामले लंबित हैं। वहां भी वह इसी प्रकार की ठगी को अंजाम दे चुका है।
