Vedant Samachar

सीन के दौरान एक्टर ने मारा ऐसा थप्पड़ कि हीरोइन की फट गई आंख की नस, 83 साल पहले जब इस एक्ट्रेस का सपना हुआ चकनाचूर

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मुंबई : फिल्मी दुनिया में जब भी कोई कदम रखता है, तो वो सबसे पहला सपना लीड एक्टर या लीड एक्ट्रेस बनने का ही देखता है. ऐसे ही एक सपने के साथ ललिता पवार ने भी बॉलीवुड में कदम रखा था. लेकिन, फिल्म के एक सीन के दौरान उनके साथ इतना बड़ा हादसा हुआ कि उनका खुद का ये सपना हमेशा के लिए अधूरा रह गया. हालांकि, उनकी पहचान फिल्मों में विलेन के तौर पर बखूबी हुई और इसका क्रेडिट उनके कैरेक्टर मंथरा को जाता है.

ललिता पवार ने केवल 9 साल की उम्र से ही फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था. उन्होंने 100, 200 नहीं बल्कि 700 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है. आखिर उन्होंने अपनी पहचान फिल्मों में सख्त सास की भूमिका और विलेन के किरदार के लिए जानी जाती हैं. हालांकि, वो भी फिल्मों में हीरोइन बनने का सपना लेकर अपने साथ आई थी, लेकिन 83 साल पहले उनके साथ हैरान करने वाली घटना हो गई, जिसकी वजह से उन्हें काफी मुश्किलों का सामना उठाना पड़ा.

सपना हुआ चकनाचूर
दरअसल, साल 1942 में फिल्म जंग ए आजादी रिलीज हुई थी, इस फिल्म में ललिता पवार भी शामिल थीं. इस फिल्म में उस वक्त के सुपरस्टार भगवान दादा भी शामिल थे. फिल्म के एक सीन के दौरान भगवान दादा को ललिता पवार को थप्पड़ मारना था, लेकिन वो थप्पड़ के चक्कर में एक्ट्रेस का बड़ा सपना चकनाचूर हो गया था. हुआ यूं कि भगवान दादा ने ललिता पवार को इतना जोर का थप्पड़ जड़ा कि उनके आंख की नस फट गई थी.

पैरालाइज हो गया
इतना ही नहीं इसी थप्पड़ के साथ हा उनका कान का पर्दा भी फट गया था. इस घटना के बाद एक्ट्रेस को तुरंत इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन उसमें भी गड़बड़ी हो गई थी. जिसके बाद से उनकी हालत और खराब हो गई और उनके शरीर के एक तरफ का हिस्सा पैरालाइज हो गया. हालांकि, लंबे ब्रेक के बाद उन्होंने फिल्मों में वापसी की, लेकिन उस चोट की वजह से उनका चेहरा बिगड़ गया था. उन्हें फिल्मों में साइड रोल मिले. हालांकि, लोगों के बीच चर्चा में वो रामानंद सागर की रामायण से आई, जिसमें वो मंथरा बनी थीं.

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