रायपुर,07जून 2025(वेदांत समाचार) । आचार्य जिनमणिप्रभ सूरीश्वर द्वारा प्रतिष्ठित सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी, भैरव सोसायटी सहित सकल जैन समाज ने पशुओं पर अत्याचार से द्रवित होकर जीवदया व अभयदान की भावना से नवकार महामंत्र का जाप किया। सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट, भैरव सोसायटी के अध्यक्ष संतोष बैद व महासचिव महेन्द्र कोचर ने बताया कि विश्वभर में पशुओं पर अत्याचार का शोर है, आज प्रातः ही जिनमंदिर परिसर में एकत्र होकर बच्चों ने नवकार जाप किया । प्रार्थना में बच्चों की करुण पुकार बन्द हो पशुओं पर ये अत्यचार ।
जैन धर्म के सभी तीर्थंकरों ने अहिंसा परमो धर्म , करुणा , सभी जीवों के प्रति दया भाव से जीवन जीने का मार्ग प्रशस्त किया है। भगवान महावीर स्वामी ने जियो और जीने दो का संदेश विश्व को दिया जोकि वर्तमान में भी विश्वशांति के लिए प्रासंगिक है। विश्वपटल पर पशुओं के प्रति हो रही हिंसा के मद्देनजर अहिंसा करुणा दया व जियो और जीने दो के भावों के साथ छत्तीसगढ़ में जैनियों ने 7 नवकार महामंत्र का जाप किया। महेन्द्र कोचर ने आगे कहा कि नवकार महामंत्र का जाप समस्त विपत्तियों से रक्षा करने वाला मंत्र है , सकल जैन समाज के जगत के समस्त जीवों के प्रति अभयदान के शुद्ध भावों से किया गया नवकार जाप अवश्य ही जनभावनाओं को बदलने में सार्थक होगा ।



