ट्रैक्टर चालक से मारपीट और जातिसूचक गाली-गलौज का मामला, पुलिस जांच में जुटी

रायगढ़, 14 अप्रैल (वेदांत समाचार)। जिले के जूटमिल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोड़ातराई में एक ट्रैक्टर चालक के साथ मारपीट और जातिसूचक गाली-गलौज का मामला सामने आया है। पीड़ित ने थाना जूटमिल में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, यह मामला ग्राम कोड़ातराई का है, जहां अनुसूचित जाति वर्ग के एक ट्रैक्टर चालक के साथ कथित रूप से मारपीट की गई। पीड़ित का आरोप है कि गांव के ही निवासी सतीश चौधरी ने उसकी जाति जानते हुए जानबूझकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया और उसके साथ मारपीट की।

साथ ही जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। शिकायत में यह भी बताया गया है कि आरोपी ने दबंगई दिखाते हुए घटना को अंजाम दिया। पीड़ित का कहना है कि आरोपी का व्यवहार लंबे समय से आक्रामक रहा है और वह क्षेत्र में अक्सर विवाद की स्थिति पैदा करता रहा है। इस घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी का व्यवहार पहले भी कई बार विवादों में रहा है। लोगों का कहना है कि वह अपने प्रभाव और दबंगई के कारण आसपास के लोगों को डराने-धमकाने का प्रयास करता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी गंभीर आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, आरोपी पूर्व में पेट्रोल पंप डकैती के एक मामले में लगभग चार साल की सजा भी काट चुका है।

ग्रामीणों का कहना है कि सजा के बाद भी उसका व्यवहार नहीं बदला और वह अक्सर विवादों में शामिल रहता है। इसके अलावा वह अपने पिता की लाइसेंसी बंदूक का भय दिखाकर लोगों को डराने की कोशिश करता है, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना रहता है। घटना के बाद से ही गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पीड़ित और स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगनी चाहिए ताकि समाज में शांति व्यवस्था बनी रहे। इधर, शिकायत मिलने के बाद जूटमिल थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने पीड़ित को भरोसा दिलाया है कि मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। यह घटना एक बार फिर समाज में जातिगत विवाद और आपराधिक प्रवृत्ति से जुड़ी गंभीर समस्याओं को उजागर करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जरूरी है ताकि किसी भी समुदाय में असुरक्षा की भावना न फैले।