बिलासपुर, 09 अप्रैल (वेदांत समाचार)। टेंगनमाड़ा रेलवे स्टेशन के पास पुलिस की नियमित जांच के दौरान एक युवक संदिग्ध हालत में घूमते हुए पकड़ा गया, जिसके पास दो सूटकेस और एक पिट्ठू बैग में कुल 17 लाख 90 हजार रुपये नगद बरामद हुए। विशेष बात यह रही कि यह रकम छोटे नोटों में थी—10, 20 और 50 रुपये के नोटों में कुल 81 बंडलों में पैक की गई। जानकारी के अनुसार, बेलगहना पुलिस और एसीसीयू बिलासपुर की टीम इलाके में अपराधों की जांच कर रही थी। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि रेलवे स्टेशन के पास एक व्यक्ति भारी सामान लेकर संदिग्ध तरीके से घूम रहा है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को घेराबंदी कर पकड़ लिया। युवक ने अपना नाम पवन बजाज बताया और वह शहर के कश्यप कॉलोनी इलाके का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास मौजूद दो सूटकेस और पिट्ठू बैग की तलाशी ली, जिसमें बड़ी मात्रा में नगदी बरामद हुई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इतनी बड़ी रकम छोटे नोटों में थी। आमतौर पर बड़ी रकम 500 या 2000 रुपये के नोटों में रखी जाती है, लेकिन यहां 10, 20 और 50 रुपये के नोटों में लगभग 18 लाख रुपये होना अपने आप में सवाल खड़े करता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार छोटे नोटों में इतनी बड़ी रकम अक्सर अवैध या नकदी आधारित कारोबारों से जुड़ी मानी जाती है।
इसमें जुआ-सट्टा, अवैध शराब, छोटे स्तर का हवाला नेटवर्क, टिकटिंग, फेरी कारोबार या धार्मिक आयोजनों और मेलों में कैश कलेक्शन शामिल हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस ने किसी भी एंगल की पुष्टि नहीं की है। जांच का सबसे अहम बिंदु यह है कि युवक के पास इतनी बड़ी नकद राशि कहां से आई और वह इसे लेकर कहां जा रहा था। यदि रकम वैध है तो उसे दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड या अन्य प्रमाण पेश करने होंगे। यदि ऐसा नहीं होता है, तो मामला आयकर विभाग, आर्थिक अपराध शाखा या अन्य एजेंसियों तक भी पहुंच सकता है। रेलवे स्टेशन के पास पकड़ा जाना भी मामले को गंभीर बनाता है। रेलवे मार्ग अक्सर नकदी, अवैध सामान या बिना रिकॉर्ड वाले लेन-देन को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए इस्तेमाल किए जाते रहे हैं। ऐसे में यह घटना सुरक्षा और वैधता दोनों दृष्टियों से जांच का विषय बन गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह और सीएसपी निमितेश सिंह की निगरानी में कार्रवाई की गई। पवन बजाज को हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रकम किसी वैध कारोबार की है या इसके तार किसी संगठित अवैध नेटवर्क से जुड़े हैं। जांच के दौरान युवक के मोबाइल, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज भी सीज कर लिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए, सभी पहलुओं पर विस्तार से पड़ताल की जाएगी।
आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है। स्थानीय लोग इस मामले को लेकर चर्चा कर रहे हैं और सवाल कर रहे हैं कि इतनी बड़ी रकम रेलवे स्टेशन के पास संदिग्ध हालत में कैसे पहुँच गई। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर किसी को इस तरह का संदेहजनक लेन-देन दिखाई दे तो तुरंत सूचना दें। यह घटना बिलासपुर में अवैध नकद और संदिग्ध लेन-देन के मामलों पर प्रशासन और पुलिस की सतर्कता की आवश्यकता को भी उजागर करती है।
