बिलासपुर ,03अप्रैल 2025 (वेदांत समाचार) । छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर बेरोजगार युवाओं से ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी फुटबॉल प्रशिक्षक जावेद खान ने मंत्रालय में पहुंच का दावा करते हुए 10 से अधिक युवाओं से करीब 50 लाख रुपये हड़प लिए। सालों तक नौकरी का इंतजार करने के बाद जब पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जावेद खान के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे बुना ठगी का जाल?
पुलिस के अनुसार, तखतपुर के निगारबंद निवासी दीपक राजपूत, जो नेहरू नगर में रहकर एमए की पढ़ाई और जिला पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था, उसकी मुलाकात 2021-22 में फिजिकल ट्रेनिंग के दौरान जावेद खान से हुई। जावेद ने खुद को फुटबॉल खिलाड़ी और मंत्रालय रायपुर का कर्मचारी बताकर भरोसा जीता। उसने दीपक सहित अनिश राजपूत, सूरज राजपूत, प्रताप राजपूत, जगमीत सिंह खालसा, हर्षवर्धन ठाकुर, शिल्पा ठाकुर, अविनाश साहू और श्यामू कश्यप जैसे युवाओं को मंत्रालय में नौकरी दिलाने का लालच दिया। जावेद का दावा था कि वह अब तक 15-20 लोगों को नौकरी दिला चुका है।
एडवांस पेमेंट के नाम पर वसूले लाखों-
जावेद ने अक्टूबर 2021 में पीड़ितों को अपने घर बुलाकर कहा कि नौकरी के लिए एडवांस पेमेंट जरूरी है और बाकी रकम नौकरी लगने के बाद ली जाएगी। उसने चेक देने का वादा भी किया। दीपक ने दिसंबर 2021 से फरवरी 2022 के बीच 5 लाख रुपये नकद दिए, जबकि अन्य युवाओं ने भी लाखों रुपये जावेद को सौंपे। इसके अलावा, उसने सभी से 10वीं-12वीं की मार्कशीट, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, रोजगार पंजीयन और कोरे कागज पर हस्ताक्षर लिए।
तीन साल इंतजार के बाद खुला ठगी का राज-
नौकरी के लिए सालों इंतजार करने के बाद जब कोई परिणाम नहीं दिखा, तो पीड़ितों ने पैसे वापस मांगे। जावेद बहाने बनाकर टालता रहा और रकम लौटाने से इनकार कर दिया। आखिरकार, ठगी का शिकार हुए युवाओं ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज की।
पुलिस जांच में जुटी-
सिविल लाइन पुलिस ने जावेद खान के खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या इस ठगी के पीछे कोई बड़ा रैकेट काम कर रहा है। यह मामला छत्तीसगढ़ में बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाने वाली ठगी की बढ़ती घटनाओं को उजागर करता है।