नारायणपुर, 26 मार्च (वेदांत समाचार)। आजादी के दशकों बाद भी नारायणपुर जिले के गांव कुण्डोली में प्राथमिक शाला भवन का निर्माण नहीं हो पाया है. शासन द्वारा राशि स्वीकृत होने के बावजूद, जिम्मेदार प्रशासन और निर्माण एजेंसी की लापरवाही के चलते बच्चे अब भी झोपड़ीनुमा घोटुल में पढ़ने को मजबूर हैं. बारिश के दिनों में स्कूल में पानी भर जाता है, जहरीले कीड़े-मकोड़ों का खतरा बना रहता है, और बच्चों की शिक्षा बाधित होती है.
जानकारी के मुताबिक शासन ने वर्ष 2022-23 में प्राथमिक शाला भवन के लिए समग्र शिक्षा योजना से 20.30 लाख रुपये, जिसमें प्रथम किश्त 8.12 लाख रुपये और मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना से 16.10 लाख रुपये, जिसमें प्रथम किश्त 4.35 लाख रुपये, स्वीकृत किए थे. निर्माण एजेंसी के रूप में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नारायणपुर को नियुक्त किया गया, लेकिन अब तक भवन निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है.

महिलाओं ने राखी भेजकर की थी स्कूल भवन की मांग
ग्रामवासियों ने बताया कि वे पिछले 14 वर्षों से शाला भवन की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन सिर्फ आश्वासन देकर पीछे हट जाता है. गांव की महिलाओं ने तो तत्कालीन कलेक्टर विपिन मांझी को राखी भेजकर आशीर्वाद के रूप में स्कूल भवन और आंगनबाड़ी की मांग की थी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है.
नक्सलियों के डर से नहीं शुरू हुआ काम ?
इलाका नक्सल प्रभावित होने के कारण प्रशासनिक अधिकारी निर्माण कार्य में रुचि नहीं ले रहे हैं. अधिकारी अक्सर नक्सली गतिविधियों का हवाला देकर काम से बचते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ, तो बारिश का बहाना बनाकर इसे और टाल दिया जाएगा.
DEO रमेश कुमार निषाद बोले- रिकवरी प्रक्रिया जारी
इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार निषाद का कहना है कि शाला भवन के लिए दी गई राशि का जो भी आहरण हुआ है, उसकी रिकवरी की प्रक्रिया जारी है. लेकिन, भवन निर्माण कब शुरू होगा, इस पर वे कुछ भी कहने से बचते नजर आए.
मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव
गांव में स्कूल भवन ही नहीं, बल्कि सड़क, पानी, बिजली और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है. ग्रामवासियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि स्कूल भवन का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाए, ताकि उनके बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण में शिक्षा मिल सके.