कोरबा 21 मई 2026 । सरकारी कामकाजों के मामले में नीति और नियम से कुछ विभागों को मतलब नहीं रहता है। उन्हें कामकाज की पूर्ति से सरोकार होता है। इसके दीर्घकालिक स्थायित्व से नहीं। कटघोरा में जल प्रदाय पाइप लाइन के विस्तार का काम अहिरन नदी पुल के किनारे करने से टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उधर पीएचई का दावा है कि लोक निर्माण विभाग ने परीक्षण कर ओके रिपोर्ट दी है।
कोरबा जिले के कटघोरा निकाय क्षेत्र में पाइप लाइन विस्तार का काम पीएचई को मिला है। समस्यामुक्त जल प्रदाय व्यवस्था कराना इसका उद्देश्य है। नगर पालिका क्षेत्र कटघोरा के वार्ड 1 से लेकर पूरे हिस्से में इस काम को किया जाना है, जो अब अंतिम चरण पर है। अब अमरकंटक रोड में कसनिया तक का क्षेत्र नगर पालिका का हिस्सा है। वहां पर रहने वाले नागरिक नगर पालिका के क्षेत्राधिकार में आते हैं। इसलिए उन्हें मूलभूत सुविधा देने का जिम्मा नगर पालिका का है। कटघोरा शहर से होकर अहिरन नदी पुल होते हुए पाइप लाइन को आगे पहुंचाने का काम जारी है। 9 करोड़ वाली इस परियोजना में पाइप की खरीदी से लेकर ट्रांसपोर्टिंग और सामान्य व जटिल संरचना में बिछाने के साथ इन्हें अंतिम प्वाइंट तक पहुंचाना है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग कटघोरा खंड को पाइप लाइन विस्तार का कार्य कर रहा है। मौजूदा स्थिति में अहिरन नदी पुल के एक तरफ से पाइप लगाने का काम जारी है। इसमें मेनपावर को काफी संभलकर काम करना पड़ रहा है। वजह यह है कि कटघोरा स्थित अहिरन नदी पुल पहले से ही जर्जर है। कई बार सुधार के बाद भी इसकी दशा ठीक नहीं हो सकी। इस पर भी कमजोर रेलिंग के सहारे नगर पालिका की पाइप लाइन को विस्तारित करने के लिए इसका विकल्प चुना गया है। तकनीकी क्षेत्र के जानकार चिंता जता रहे हैं कि जब पुल ही अच्छी दशा में नहीं है तो वह आखिर कितने समय तक अतिरिक्त जोखिम को बर्दाश्त कर सकेगा। अगर कभी कुछ अनहोनी हुई तो फिर इसकी बड़ी कीमत सरकारी विभाग के साथ स्थानीय लोगों को चुकानी पड़ सकती है।
किसी प्रकार की अड़चन नहीं
कटघोरा शहरी क्षेत्र में पाइप लाइन विस्तार का काम कुल 39 किमी के क्षेत्र में किया जा रहा है। टेंडर शर्तों के अंतर्गत इस काम को शुरू किया गया, जो अब अंतिम चरण पर है। रहा सवाल अहिरन नदी पुल की गुणवत्ता का, तो इस बारे में पीएचई ने लोनिवि से परीक्षण करा लिया है। उसकी रिपोर्ट में किसी प्रकार की समस्या नहीं होने की पुष्टि की गई।
– डॉ. बंजारे, एसडीओ पीएचई

