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रायपुर में नए बोर खनन पर अस्थायी रोक, 1 अप्रैल से 15 जुलाई तक लागू रहेगा आदेश

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रायपुर, 30 मार्च 2026 (वेदांत समाचार)। गर्मी के मौसम में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर रायपुर जिले में नए बोर (नलकूप) खनन पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। यह प्रतिबंध 1 अप्रैल 2026 से 15 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगा।

जारी आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ पेयजल अधिनियम 1986 के तहत पूरे जिले को उक्त अवधि के लिए जलाभाव क्षेत्र घोषित किया गया है। इस दौरान बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति, संस्था या निजी एजेंसी नया बोर या नलकूप नहीं खोद सकेगी, चाहे उसका उपयोग पेयजल के लिए हो या अन्य किसी उद्देश्य के लिए।

हालांकि, जनहित को ध्यान में रखते हुए कुछ शासकीय विभागों को इस नियम से छूट प्रदान की गई है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) को पूरे जिले में तथा नगर निगम और नगर पंचायतों को अपने-अपने क्षेत्रों में केवल पेयजल व्यवस्था के लिए बोर खनन करने की अनुमति रहेगी और इसके लिए उन्हें अलग से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।

इसके अलावा प्रशासन ने एडीएम रायपुर, एसडीएम रायपुर, एसडीएम आरंग, एसडीएम अभनपुर और एसडीएम तिल्दा को अधिकृत किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के तहत आवश्यकतानुसार बोर खनन की अनुमति दे सकें।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नियमों का पालन करें और अनावश्यक बोर खनन से बचें, ताकि गर्मी के दौरान पेयजल संकट से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

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