Vedant Samachar

इस्राइल-US का ईरान के नतांज परमाणु स्थल पर हमला; ईरान के रामसर में हमले में परिवार की मौत

Vedant Samachar
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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी इस्राइल और खाड़ी देशों में मैजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब अपने 22वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है।


ईरान के रामसर शहर में अमेरिकी-इस्राइली हमले में परिवार की मौत
ईरान के तटीय शहर रैम्सर में एक घर पर अमेरिकी और इस्राइली हमला हुआ। प्रांत के गवर्नर ने बताया कि इस रात के हमले में एक दंपत्ति और उनका बच्चा मर गया। हमले की वजह से स्थानीय लोग भयभीत हैं और सुरक्षा बल घटनास्थल पर मौजूद हैं। अभी तक हमले में और किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है।

ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर हमला
ईरान की नजांत परमाणु संवर्धन सुविधा पर आज सुबह अमेरिका और इस्राइल ने जोरदार हमला किया। ईरानी समाचार एजेंसी तसनिम ने बताया कि इस हमले में कोई रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर कोई खतरा नहीं है। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, हमले का मकसद नतांज केंद्र की संवर्धन गतिविधियों को निशाना बनाना था, लेकिन किसी प्रकार की मानव या पर्यावरणीय क्षति की खबर नहीं है।

बगदाद के रिहायशी इलाके में ड्रोन हमला, इराकी सुरक्षा एजेंसी पर भी निशाना
इराक की राजधानी बगदाद के मंसूर इलाके में ड्रोन हमले की खबर है। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, हमले में एक ड्रोन इराकी खुफिया विभाग की बिल्डिंग को निशाना बना रहा था। यह बिल्डिंग अमेरिकी सलाहकारों के साथ काम करने वाली एक इराकी सुरक्षा एजेंसी का हिस्सा है। सूत्रों ने बताया कि एक और ड्रोन, जो ऑपरेशन की शूटिंग कर रहा था, निजी खेल क्लब में गिर गया। यह क्लब इराकी अमीर वर्ग और विदेशी कूटनीतिक अधिकारियों के बीच लोकप्रिय है। इराकी सुरक्षा एजेंसियों ने फिलहाल हमले की विस्तृत जानकारी और किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं की है।

लेबनान में इस्राइल का ऑपरेशन, 4 हिजबुल्ला लड़ाकों के मारे जाने का दावा

इस्राइल की सेना ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में चलाए गए एक ऑपरेशन में हिजबुल्ला के चार लड़ाकों को मार गिराया है। सेना के अनुसार, यह कार्रवाई हवाई और जमीनी ऑपरेशन के जरिए की गई। इस दौरान इस्राइल सैनिकों पर भी फायरिंग हुई, लेकिन किसी के घायल होने की खबर नहीं है। इस्राइल ने यह भी बताया कि उसकी वायुसेना ने राजधानी बेरूत में हिजबुल्ला के कई ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया।

ईरान में फांसी की बढ़ती घटनाओं पर चिंता, तीन युवकों को दी गई मौत की सजा

ईरान में इस हफ्ते तीन युवकों को फांसी दिए जाने के बाद मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है कि देश में फांसी की सजा का सिलसिला बढ़ सकता है। इन तीनों में 19 साल के पहलवान सालेह मोहम्मदी भी शामिल थे। उन्हें कोम शहर में गुरुवार सुबह फांसी दी गई। उनके साथ मेहदी कासेमी और सईद दावूदी को भी मौत की सजा दी गई।

सरकारी मीडिया के मुताबिक, इन पर प्रदर्शन के दौरान दो पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोप था और ईश्वर के खिलाफ युद्ध (मोहारबेह) जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने दावा किया है कि इन मामलों की सुनवाई निष्पक्ष नहीं थी और आरोपियों से जबरन कबूलनामे लिए गए। रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से कम से कम 27 लोगों को मौत की सजा का सामना करना पड़ सकता है, जबकि 100 से ज्यादा लोगों पर खतरा बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये सख्त कदम लोगों में डर पैदा करने और विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए उठाए जा रहे हैं।

इस्राइल पर ईरान का नया हमला

इस्राइल की सेना ने चेतावनी जारी की है कि ईरान की तरफ से मिसाइलों का नया हमला हुआ है। यह शनिवार सुबह से चौथी चेतावनी है। लोगों से कहा गया है कि वह सुरक्षित स्थानों पर जाएं और तब तक वहीं रहें जब तक खतरा टल न जाए। सेना ने बताया कि मिसाइलों को रोकने के लिए हवाई सुरक्षा प्रणाली सक्रिय है और ईरान से थोड़ी देर पहले ही मिसाइलें दागी गई हैं।

सऊदी अरब में मिसाइल हमले में 26 वर्षीय भारतीय की मौत, परिवार ने किया दावा
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में 26 वर्षीय रवि गोपाल नामक भारतीय युवक की कथित मिसाइल हमले में मौत हो गई। रवि बघाईन गांव, महमूदाबाद के रहने वाले थे और सितंबर 2025 से रियाद की एक प्लास्टिक फैक्टरी में ड्राइवर के रूप में काम कर रहे थे। रवि की पत्नी ऋतु ने बताया कि रवि ने आखिरी बार 18 मार्च को रात 9:30 बजे फोन किया था। करीब 20 मिनट बात करने के बाद कॉल कट गई, और बाद में फोन बंद मिला। अगले दिन उनके दोस्त राम निवास ने परिवार को रवि की मौत की जानकारी दी। बताया गया कि रवि काम के दौरान मिसाइल हमले में मलबे में दब गया था और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

रवि अकेले परिवार का कमाऊ सदस्य थे। वे अपनी पत्नी और चार साल के बेटे को पीछे छोड़ गए। परिवार ने प्रशासन से मुआवजा देने और शव को गाँव लाने की मदद की मांग की है। महमूदाबाद प्रशासन और भारतीय मिशन रियाद परिवार के संपर्क में हैं और शव की वापसी की प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने भी परिवार के प्रति संवेदना जताई है।

ईरान ने होर्मुज की संकरे जलडमरूमध्य से कुछ जहाजों को आवाजाही की अनुमति दी: रिपोर्ट
ईरान ने होर्मुज की संकरे जलडमरूमध्य से कुछ मालवाहक जहाजों को गुजरने की अनुमति दी है। यह कदम खास इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मार्च 2 के बाद पहली बार किसी जहाज का ऑटोमेटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) चालू रहने के साथ पारगमन हुआ।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी और इस्राइल के हमलों के बीच भी ईरान ने सीमित संख्या में जहाजों को गुजरने दिया। शिपिंग डेटा के मुताबिक, कम से कम छह जहाजों ने ईरान के खुमैनी पोर्ट में अपना माल उतारा और 15-16 मार्च के बीच होर्मुज की संकरी जलडमरूमध्य को पार किया। ऐसे में ईरान के इस फैसले से संकेत मिलता है कि ईरान ने समुद्री मार्ग पर कुछ हद तक पारगमन की छूट दी है, लेकिन पूरी जलडमरूमध्य अभी भी तनावपूर्ण स्थिति में बनी हुई है।

गुटेरस बोले- होर्मुज खोलने में मदद करेगा UN
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र होर्मुज की खाड़ी को फिर से सुरक्षित और खुला करने में मदद करने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि 2022 में ब्लैक सी में रूस और यूक्रेन के बीच समझौता कराने में भी यूएन ने मदद की थी, जिससे यूक्रेन से अनाज और उर्वरक का निर्यात हो सका।

गुटेरस ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य यह देखना है कि क्या होर्मुज की खाड़ी में वैसी ही स्थिति बनाई जा सकती है जैसी पहले थी, ताकि जहाज आसानी से गुजर सकें। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र खाड़ी देशों और यूरोपीय परिषद के साथ बातचीत कर रहा है ताकि सुरक्षा और आवाजाही सुनिश्चित हो सके। ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव रूस और यूक्रेन के बीच यूएन और तुर्किय के मध्य समझौता ने युद्ध प्रभावित यूक्रेन से कई करोड़ मीट्रिक टन अनाज निर्यात करने में मदद की थी, इससे पहले कि रूस ने इस समझौते का समर्थन वापस ले लिया।

IRGC ने 70वीं लहर के प्रतिकार हमले किए, 55 से ज्यादा जगहों को निशाना बनाया
ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने 70वीं लहर के प्रतिकार हमले किए हैं। इन हमलों का लक्ष्य यूएस और इस्राइल के हित थे और यह खाड़ी क्षेत्र और उसके बाहर 55 से ज्यादा जगहों पर किए गए। IRGC ने अपने बयान में कहा कि इन हमलों के दौरान भारी धमाके, आग और धुएं के कॉलम देखे गए।

सऊदी अरब, कुवैत और इज़राइल सहित कई देशों ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किए और ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोकने की कोशिश की। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया कि ईरान ने दो मिड-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दियेगो गार्सिया स्थित संयुक्त अमेरिकी- ब्रिटिश सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर दागी हैं। स्थिति लगातार तनावपूर्ण और संवेदनशील बनी हुई है, और क्षेत्र में सुरक्षा और राजनीतिक संकट बढ़ता जा रहा है।

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