बिलासपुर, 21 मार्च (वेदांत समाचार) : बिलासपुर में शनिवार को ईद का त्यौहार मनाया जा रहा है। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सुबह ईदगाह सहित मस्जिदों में अकीदत के साथ नमाज अदा कर अमन-चैन और भाईचारे की दुआ मांगी। एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की शुभकामनाएं दी। वहीं, पर्व पर समुदाय के घरों में सेवइयों के साथ पकवान बनाकर दावत दी जा रही है। इससे पहले शुक्रवार को रमजान के 30 दिन और आखिरी जुमा यानी अलविदा जुमा था। इस मुबारक दिन में जुमा की नमाज के बाद सभी मस्जिदों में देश-प्रदेश में अमन और शांति की दुआएं मांगी गई। पूरी दुनिया में अमन कायम होने की दुआ भी मांगी गई।
रमजान उल मुबारक की 29वें दिन गुरुवार को ईद का चांद नजर नहीं आया। जबकि, ज्यादातर लोगों को चांद दिखाई देने और शुक्रवार को ईद होने की उम्मीद थी। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। देश भर में कहीं से भी ईद का चांद दिखाई देने की खबरें नहीं आईं। इसलिए एलान किया गया कि ईद का पर्व 21 मार्च को मनाया जाएगा।
अकीदत के साथ ईद की नमाज अदा की गई
ईदगाह में सुब्हानिया अंजुमन कमेटी की ओर से दी गई ईद के नमाज की इमामत हज़रत अल्लामा व मौलाना मुफ्ती अब्दुल अज़ीम ने नमाज अदा कर किबला पढ़ाया। उनके साथ हज़रत मौलाना यूसुफ रजा बरकाती और हाफिज मोहम्मद फरीद अशरफी नायब इमाम की हैसियत से ईदगाह में मौजूद रहे। बता दें कि, ईद से हफ्ते भर पहले से ही शहर के बाजार गुलजार रहे। मुस्लिम अकीदतमंदों के घर में सेवइयों का लजीज पकवान त्योहार को और खुशनुमा बना रहा है।
बच्चों से लेकर बुजुर्गों में दिखा उत्साह
ईद पर्व पर मुस्लिम समुदाय के बच्चों में ईद को लेकर खासा उत्साह दिखा। नए कपड़े पहनकर बच्चे भी बड़े-बुजुर्गों के साथ ईद की नमाज पढ़ते नजर आए। सभी लोगों ने सामूहिक रूप से देश में शांति, सुकून और भाईचारा कायम रहने की दुआएं मांगी।
