कोरबा, 20 मार्च 2026। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कोरबा में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण और यादगार अवसर देखने को मिला, जब इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने महाविद्यालय का आधिकारिक दौरा किया। इस दौरान नवीन महाविद्यालय भवन एवं बालक छात्रावास का विधिवत लोकार्पण किया गया, जिससे संस्थान की शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाओं को मजबूती मिली है।
दौरे के दौरान कुलपति ने महाविद्यालय परिसर का विस्तृत निरीक्षण करते हुए कंप्यूटर लैब, केंद्रीय पुस्तकालय, एग्रोनॉमी, कृषि अभियांत्रिकी तथा पादप प्रजनन प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया। उन्होंने प्राध्यापकों और विद्यार्थियों से संवाद कर शैक्षणिक गतिविधियों की सराहना की तथा नवाचार और शोध को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
इस अवसर पर आयोजित वार्षिक उत्सव ‘अंकुरम 2026’ एवं छात्र संघ शपथ ग्रहण समारोह में अधिष्ठाता डॉ. आर. के. साहू ने स्वागत भाषण देते हुए संस्थान की वार्षिक उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष शिक्षण गुणवत्ता, छात्र संख्या एवं परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। साथ ही, प्रयोगशालाओं, फील्ड डेमोंस्ट्रेशन और शैक्षणिक भ्रमणों के माध्यम से व्यावहारिक शिक्षा को सुदृढ़ किया गया है।

कार्यक्रम में सेमियेलाटा फसलों पर आधारित जानकारीपूर्ण पंपलेट एवं पुस्तकिका का विमोचन भी किया गया, जिसे डॉ. डी. के. कौशिक, डॉ. आर. के. भारद्वाज और डॉ. राजेश साहू द्वारा तैयार किया गया है। इसके साथ ही CARS कोरबा एवं IRRI हैदराबाद के सहयोग से तैयार चूजों का वितरण ग्रामीण महिला कृषकों को किया गया।
छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. संजय शर्मा ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों की शैक्षणिक, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां छात्रों के व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करती हैं।
मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. चंदेल ने अपने उद्बोधन में कृषि शिक्षा की राष्ट्रीय विकास में भूमिका को रेखांकित करते हुए छात्रों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों और तकनीकी नवाचारों में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नव-निर्वाचित छात्र संघ को शपथ दिलाते हुए अनुशासन और जिम्मेदारी के महत्व पर भी बल दिया।
दौरे के दौरान कुलपति ने पोल्ट्री शेड और वर्मी-कम्पोस्ट इकाई का भी निरीक्षण किया। उन्होंने इन इकाइयों को व्यावहारिक प्रशिक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि पशुपालन एवं जैविक कृषि गतिविधियां किसानों की आय बढ़ाने में सहायक हैं।
कार्यक्रम का समापन रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ, जिसमें छात्रों की प्रतिभा और उत्साह की झलक देखने को मिली। यह आयोजन न केवल नई सुविधाओं के शुभारंभ का प्रतीक रहा, बल्कि संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता और समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
