Vedant Samachar

1 मई से शुरू होगी डिजिटल जनगणना की पहली चरण की प्रक्रिया, मकानों की नंबरिंग तेज

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16 साल बाद हो रही जनगणना में पहली बार मोबाइल ऐप से जुटाया जाएगा डेटा, चूल्हों के आधार पर भी होगी गणना

कोरबा,20 मार्च (वेदांत समाचार)। जिले में डिजिटल जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। 1 मई से शुरू होने वाली इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए नगर निगम क्षेत्र में मकानों की नंबरिंग का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसके तहत प्रत्येक मकान का नक्शा तैयार किया जाएगा ताकि गणना के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।

इस बार की जनगणना कई मायनों में विशेष होगी। पहली बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी, जिसमें सभी प्रकार का डेटा मोबाइल एप के जरिए एकत्र किया जाएगा। साथ ही नागरिकों को स्वयं भी अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने की सुविधा दी जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि एकत्रित की गई सभी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी।

जनगणना दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में मई माह से मकान सूचीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा, जिसमें भवनों की संख्या, उनके उपयोग और अन्य आधारभूत जानकारी दर्ज की जाएगी। इसी क्रम में वार्ड स्तर पर मकानों की नंबरिंग का कार्य जारी है।

इस बार गणना में एक नया मानदंड भी जोड़ा गया है। एक ही मकान में यदि अलग-अलग चूल्हे जल रहे हैं, तो प्रत्येक चूल्हे को एक अलग इकाई माना जाएगा। इससे परिवारों की वास्तविक संख्या का अधिक सटीक आकलन किया जा सकेगा।

जिले में इस कार्य के लिए कुल 2353 प्रगणकों की नियुक्ति की गई है, जबकि 246 प्रगणकों को रिजर्व रखा गया है। प्रत्येक 180 से 200 मकानों पर एक प्रगणक तैनात रहेगा। प्रगणकों को 8 से 24 अप्रैल के बीच प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि 53 फील्ड ट्रेनर्स उन्हें सर्वेक्षण की प्रक्रिया समझाएंगे। अधिकांश प्रगणक शिक्षक वर्ग से हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में अभी मकानों की नंबरिंग शुरू नहीं हुई है, जिसे जल्द ही प्रारंभ किया जाएगा। वहीं, किराएदारों की गणना उनके वर्तमान निवास स्थान पर ही की जाएगी।

जनगणना के दौरान कुल 33 बिंदुओं पर जानकारी एकत्र की जाएगी। इसमें मकान का प्रकार (कच्चा या पक्का), फर्श की सामग्री, परिवार की संख्या, जाति, वैवाहिक स्थिति, पेयजल स्रोत, शौचालय, बिजली, जल निकासी, रसोई, एलपीजी कनेक्शन, टीवी, इंटरनेट, वाहन तथा परिवार के मुख्य खाद्यान्न जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल होंगे।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जिले में 2 लाख 80 हजार 73 मकान और लगभग 12 लाख 6 हजार 640 की आबादी दर्ज की गई थी। पिछले 16 वर्षों में मकानों और परिवारों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है, विशेषकर शहरी क्षेत्रों में नई कॉलोनियों के विस्तार के कारण।

जिला सांख्यिकी अधिकारी एवं अभिलेख जनगणना अधिकारी एम.एस. कंवर ने बताया कि प्रथम चरण की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। प्रगणकों को प्रशिक्षण के दौरान सर्वेक्षण की विधि और डेटा संकलन की प्रक्रिया विस्तार से समझाई जाएगी।

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