सारंगढ़, 19 मार्च (वेदांत समाचार) । सारंगढ़ में एक वृद्ध दंपति को आश्रम से बाहर निकालने का मामला सामने आने के बाद सवाल खड़े हो गए हैं। गोरखनाथ नायक और उनकी पत्नी पद्मा ने जिला प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए पूरे मामले की जांच की अपील की है।
जानकारी के अनुसार, बरमकेला विकासखंड के खोरी गांव निवासी गोरखनाथ नायक अपनी पत्नी के साथ पारिवारिक प्रताड़ना से परेशान होकर घर छोड़ने को मजबूर हुए थे। उनका आरोप है कि उनका पुत्र नशे की लत के कारण उनके साथ मारपीट करता था। इसके बाद वे जनवरी 2026 में सारंगढ़ स्थित आशा निकेतन वृद्धाश्रम में रहने लगे थे।
गोरखनाथ का कहना है कि करीब दो महीने तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन 14 मार्च को अचानक आश्रम प्रबंधन ने उन्हें बाहर निकाल दिया। दंपति का आरोप है कि उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और बिना ठोस कारण बताए आश्रम से निकाल दिया गया।
आश्रम से निकाले जाने के बाद गोरखनाथ सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां से उन्हें अस्थायी रूप से सियान सदन भेज दिया गया। इसके बाद उन्होंने 16 मार्च को कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर न्याय की मांग की। साथ ही सिटी कोतवाली में भी आवेदन दिया है।
दंपति ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें किसी व्यक्ति द्वारा वाहन में बैठाकर घर छोड़ने के बहाने जंगल में छोड़ दिया गया, जो पूरे मामले को और गंभीर बना देता है।
17 मार्च को जनदर्शन में फिर से कलेक्टर के सामने पहुंचकर गोरखनाथ ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
इस घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि यदि आशा निकेतन एक सरकारी वृद्धाश्रम है, तो वहां से वृद्ध दंपति को बाहर क्यों किया गया और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था कहां थी। फिलहाल मामले में जांच की आवश्यकता बताई जा रही है।
