Vedant Samachar

HDFC बैंक के शेयर में हाहाकार! कोरोना काल के बाद की सबसे बड़ी गिरावट, 1 लाख करोड़ रुपये स्वाहा!

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HDFC बैंक (HDFC Bank) के शेयरों में बाजार खुलते ही लगभग 9 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई. इस तेज बिकवाली के कारण महज कुछ ही मिनटों के भीतर कंपनी का 1 लाख करोड़ रुपये का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) पूरी तरह से स्वाहा हो गया. दरअसल, इस ऐतिहासिक गिरावट के पीछे केवल बाजार के सामान्य उतार-चढ़ाव जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि इसका मुख्य कारण बैंक के नेतृत्व से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर है.

बैंक के अंशकालिक अध्यक्ष (पार्ट-टाइम चेयरमैन) और स्वतंत्र निदेशक अतनु चक्रवर्ती ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपने इस्तीफे में जो कारण बताया, उसने निवेशकों की बेचैनी को और बढ़ा दिया. चक्रवर्ती का कहना था कि पिछले दो वर्षों में बैंक के भीतर कुछ ऐसी कार्यप्रणालियां रहीं, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के साथ मेल नहीं खाती थीं. जब किसी शीर्ष बैंक का सर्वोच्च अधिकारी नैतिकता का हवाला देकर पद छोड़ता है, तो पारदर्शिता की उम्मीद करने वाले निवेशकों के बीच घबराहट फैलना स्वाभाविक है.

क्या बैंक के भीतर चल रही है कोई आंतरिक खींचतान?
इस हाई-प्रोफाइल इस्तीफे के बाद निवेशकों के बीच यह सवाल उठने लगा कि क्या बैंक के शीर्ष प्रबंधन में कोई सत्ता का संघर्ष चल रहा है. इस स्थिति को संभालते हुए बैंक के प्रबंधन ने तुरंत सफाई दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि चक्रवर्ती के इस्तीफे के पीछे पत्र में बताए गए कारणों के अलावा कोई और छिपी हुई वजह नहीं है. इसी बीच, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी के बाद केकी मिस्त्री को अगले तीन महीनों के लिए अंतरिम अंशकालिक अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. मिस्त्री ने एक कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान स्पष्ट शब्दों में आंतरिक कलह की अफवाहों का खंडन किया. उन्होंने कहा कि बैंक में किसी तरह का कोई सत्ता संघर्ष नहीं है और बोर्ड तथा पूर्व चेयरमैन के बीच कोई बुनियादी मतभेद नहीं था.

2020 के कोविड क्रैश के बाद की सबसे भयानक गिरावट
एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आई यह गिरावट ऐतिहासिक है. इससे पहले इस दिग्गज शेयर में इतनी बड़ी गिरावट 23 मार्च 2020 को देखी गई थी, जब कोविड-19 महामारी के खौफ से यह स्टॉक लगभग 13 प्रतिशत तक टूट गया था. गुरुवार को बाजार खुलते ही 9 प्रतिशत की गिरावट के साथ बैंक का मार्केट कैप लुढ़क कर 11.85 लाख करोड़ रुपये के आसपास आ गया. हालांकि, सुबह 10:20 बजे तक स्टॉक में थोड़ी रिकवरी हुई और यह 5 प्रतिशत के नुकसान पर कारोबार कर रहा था. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य बाजार रणनीतिकार आनंद जेम्स के अनुसार, यह स्टॉक अपने प्रमुख सपोर्ट लेवल से नीचे जा चुका है. उनका मानना है कि यदि यह शेयर 810 रुपये के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसलता है, तो इसमें और अधिक गिरावट आ सकती है और यह 748 रुपये तक का गोता लगा सकता है.

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