Vedant Samachar

आज श्रीराम यंत्र की स्थापना कर इतिहास रचेंगी राष्ट्रपति, सात हजार मेहमान बनेंगे उत्सव के साक्षी

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अयोध्या, 19 मार्च। हिंदू नववर्ष, प्रतिपदा के शुभ क्षण में आज श्रीराम जन्मभूमि मंदिर एक नए इतिहास का साक्षी बनेगा, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की विधिवत स्थापना करेंगी। इस समारोह का साक्षी बनने के लिए करीब सात हजार मेहमान मौजूद रहेंगे।

श्रीराम यंत्र स्थापना के बाद राष्ट्रपति प्रथम तल पर विराजमान राम परिवार का दर्शन-पूजन एवं आरती करेंगी। इसके बाद वह सप्तमंडपम में स्थापित महर्षि वाल्मीकि, माता शबरी और निषादराज के मंदिरों में दर्शन करेंगी। इस क्रम को सामाजिक समरसता और वंचित वर्गों के सम्मान के प्रतीक के रूप में एक बड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

यहां से राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगी, जहां समारोह का संचालन राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत गोविंद देव गिरि के स्वागत भाषण से होगी, इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संबोधित करेंगे। फिर केरल की धर्मगुरु माता अमृतानंदमयी और दत्तात्रेय होसबोले अपने विचार रखेंगे। अंत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन होगा। वह दोपहर तीन बजे तक मंदिर परिसर में रहेंगी और 3:15 बजे हवाई अड्डे से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी।

बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति मंदिर निर्माण में जुटे श्रमिकों से भी संवाद कर सकती हैं, जो इस आयोजन का एक भावनात्मक और महत्वपूर्ण पक्ष होगा। इस ऐतिहासिक समारोह में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कारसेवक, लगभग 300 संत-धर्माचार्य, मंदिर निर्माण में योगदान देने वाली 300 एजेंसियों के 400 श्रमिकों सहित 1800 कर्मी और निधि समर्पण करने वाले विशिष्ट जन शामिल होंगे। समारोह का लाइव प्रसारण किया जाएगा, जिससे देश-विदेश में बैठे श्रद्धालु इस दिव्य क्षण से जुड़ सकेंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अयोध्या आगमन को भव्य बनाएगी योगी सरकार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अयोध्या आगमन को लेकर योगी सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राष्ट्रपति 19 मार्च को हिंदू नववर्ष (वर्ष प्रतिपदा) और चैत्र नवरात्रि के पहले दिन वह रामनगरी पहुंचेंगी। यहां श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी।

साथ ही वैदिक अनुष्ठानों में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगी। यह दौरा राम मंदिर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगा, क्योंकि राम यंत्र की स्थापना मंदिर के द्वितीय तल पर होगी, जो आध्यात्मिक और वास्तुशास्त्रीय दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के व्यक्तिगत निर्देशन में अयोध्या को स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भव्य बनाने का व्यापक अभियान चल रहा है। नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य विभाग मिलकर दिन-रात काम कर रहे हैं ताकि राष्ट्रपति के आगमन के साथ ही श्रद्धालुओं को भी कोई असुविधा न हो।

अयोध्या को स्वच्छ और सुंदर बनाने का संकल्प अब और मजबूत हो गया है, क्योंकि यह दौरा केवल एक आधिकारिक यात्रा नहीं, बल्कि हिंदू नववर्ष के उत्सव और राम मंदिर की पूर्णता का प्रतीक बन रहा है। अयोध्या नगर निगम ने राष्ट्रपति के प्रस्तावित मार्गों, राम जन्मभूमि मंदिर परिसर, सरयू घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण अभियान छेड़ा है।

पूरे नगर निगम क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चल रहा है, जिसमें स्वीपिंग मशीनों से सड़कों की नियमित सफाई शामिल है। सरयू तट पर जेटिंग मशीनों से घाटों की गहन धुलाई की जा रही है, ताकि स्नान घाट पूरी तरह स्वच्छ और आकर्षक दिखें।

घाट और अंडरपासों पर विशेष लाइटिंग
प्रकाश व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। संत तुलसीदास घाट, सरयू स्नान घाट और विभिन्न अंडरपासों पर विशेष लाइटिंग की गई है, ताकि शाम के समय भी क्षेत्र सुरक्षित और आकर्षक लगे।

अभिजीत मुहूर्त में 11:55 बजे होगी श्रीराम यंत्र की स्थापना
श्रीराम यंत्र की स्थापना हिंदू नववर्ष के पहले दिन 19 मार्च को अभिजीत मुहूर्त में सुबह ठीक 11:55 बजे होगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी।
राम मंदिर के यज्ञमंडप में अभिषेक-पूजन कर श्रीराम यंत्र दूसरे तल पर पहुंचाया गया।
19 मार्च को हिंदू नववर्ष का शुभारंभ होगा, श्रीराम यंत्र की स्थापना फलदायी होगी।
नव संवत्सर का भी आज शुभारंभ हो रहा है। इस वर्ष के राजा देव गुरु बृहस्पति व मंत्री मंगल हैं।
नया वर्ष समृद्धि और सकारात्मक परिवर्तन का वर्ष होगा, आध्यात्मिक गतिविधियां बढ़ेंगी।

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