Vedant Samachar

आईजी रामगोपाल गर्ग ने ‘अनुभव’ फीडबैक की रेंजवार समीक्षा की, पुलिस अधीक्षकों को दिए सुधार के निर्देश

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बिलासपुर, 11 मार्च (वेदांत समाचार)। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों की बैठक लेकर ‘अनुभव’ कार्यक्रम के तहत प्राप्त फीडबैक की समीक्षा की। बैठक में पिछले एक माह में थानों और पुलिस कार्यालयों के संबंध में मिले सुझावों व शिकायतों पर चर्चा की गई और उनके आधार पर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए।

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशिमोहन सिंह, पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी, पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा विजय पांडे, पुलिस अधीक्षक गौरेला-पेंड्रा-मरवाही मनोज खिलाड़ी तथा पुलिस अधीक्षक सक्ती प्रफुल्ल ठाकुर सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।

आईजीपी गर्ग ने बताया कि 1 से 28 फरवरी 2026 के बीच बिलासपुर जिले में कुल 201 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें सर्वाधिक थाना सरकंडा से 64 और सिविल लाइन से 20 फीडबैक मिले। वहीं रायगढ़ जिले में 331 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें जूटमिल और कोतरारोड थाना से 44-44 फीडबैक मिले।

इसी प्रकार कोरबा जिले में 55 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें सबसे अधिक उरगा थाना से 12 फीडबैक मिले। जांजगीर-चांपा जिले में 100 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें सारागांव थाना से 20 और जांजगीर से 11 फीडबैक मिले। मुंगेली जिले में 230 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें पथरिया थाना से 46, सिटी कोतवाली से 33 और लोरमी से 24 फीडबैक मिले।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 51 फीडबैक मिले, जिनमें डोंगरीपाली थाना से 11 फीडबैक प्राप्त हुए। सक्ती जिले में 127 फीडबैक दर्ज किए गए, जिनमें मालखरौदा थाना से 38, जैजैपुर से 20 और डभरा से 19 फीडबैक मिले। वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में कुल 39 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें पेंड्रा थाना से सर्वाधिक 22 फीडबैक दर्ज किए गए।

आईजीपी गर्ग ने बताया कि अधिकांश थानों की रेटिंग 5 में से औसतन लगभग 3.5 रही, जिस पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। हालांकि जिन थानों की ग्रेडिंग इससे कम है, उनमें सुधार के लिए पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि ‘अनुभव’ कार्यक्रम के तहत थानों और पुलिस कार्यालयों में आने वाले लोग वहां लगाए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर अपने सुझाव और फीडबैक दर्ज कर सकते हैं। इन फीडबैक के माध्यम से पेयजल और बैठने की व्यवस्था, पुलिस के व्यवहार, शिकायतों के निराकरण में लगने वाले समय जैसे मुद्दे सामने आए हैं। कई स्थानों पर आम नागरिकों ने पुलिस के कार्य की सराहना भी की है।

आईजीपी ने निर्देश दिए कि प्राप्त प्रत्येक फीडबैक की गंभीरता से समीक्षा कर कमियों को दूर किया जाए। जिन थानों के संबंध में लगातार सकारात्मक फीडबैक मिल रहे हैं, उन्हें पुरस्कृत करने की भी बात कही गई। साथ ही जिन थानों से कोई फीडबैक प्राप्त नहीं हो रहा है, उसके कारणों की भी जांच करने के निर्देश दिए गए।

आईजीपी गर्ग ने आम नागरिकों से अपील की कि वे ‘अनुभव’ के माध्यम से पुलिस के कार्यों के संबंध में अपने सुझाव और फीडबैक देते रहें, ताकि पुलिस व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की समीक्षा बैठक हर माह आयोजित की जाएगी।

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