Vedant Samachar

यहां हुई दिल दहला देने वाली घटना: पति से विवाद के बाद महिला ने तीन बेटियों संग कुएं में लगाई छलांग, चारों की मौत

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नूंह। हरियाणा के नूंह जिले के बदोपुर गांव में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने घरेलू विवाद के बाद अपनी तीन मासूम बेटियों के साथ कुएं में कूदकर जान दे दी। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, सोमवार को कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद महिला और उसकी तीनों बेटियों के शव कुएं से बाहर निकाले गए। ग्रामीणों और गोताखोरों की मदद से चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जो दृश्य सामने आया, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। बताया जा रहा है कि महिला ने कुएं में कूदने से पहले अपनी छह महीने की दुधमुंही बच्ची को चुन्नी से अपनी पीठ पर बांध लिया था।

रेस्क्यू टीम ने पहले 7 वर्षीय अक्सा और 4 वर्षीय सानोफिया के शव कुएं से बाहर निकाले। इसके बाद काफी मशक्कत के बाद 28 वर्षीय महिला साहिला का शव बरामद हुआ। जब उसका शव बाहर निकाला गया, तब उसकी पीठ पर छह महीने की बच्ची बंधी हुई थी। लगभग 70 फीट गहरे कुएं में पानी अधिक होने के कारण बचाव दल को शव निकालने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

प्रारंभिक जांच और पड़ोसियों के बयान के अनुसार, महिला के घर में अक्सर पति-पत्नी के बीच विवाद होता रहता था। बताया जा रहा है कि साहिला ने अपने जेवर अपने पिता को दे दिए थे, जिसे लेकर उसका पति शाहिद अक्सर उससे झगड़ा और मारपीट करता था। साहिला हाल ही में अपने मायके से ससुराल लौटी थी।

बताया जा रहा है कि रविवार शाम रोजा इफ्तारी के बाद पति-पत्नी के बीच फिर से तीखी बहस हुई थी। इसके बाद सोमवार सुबह महिला ने अपनी तीनों बेटियों के साथ कुएं में छलांग लगाकर आत्मघाती कदम उठा लिया।

मामले में के सदर थाना प्रभारी सुभाष ने बताया कि चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मृतका के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है और उनके बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं महिला को इस आत्मघाती कदम के लिए उकसाया तो नहीं गया था।

इस घटना के बाद बदोपुर गांव में शोक का माहौल है। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते घरेलू विवाद सुलझा लिया जाता, तो शायद तीन मासूम बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।

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