रायपुर,07 मार्च (वेदांत समाचार)। सुबह का समय, खेतों पर हल्की धूप और आसमान में उड़ता एक ड्रोन। कुछ ही मिनटों में पूरा खेत कीटनाशक से सुरक्षित हो जाता है और खेत के किनारे खड़ी एक महिला रिमोट से ड्रोन को नियंत्रित करती दिखाई देती है। यह दृश्य Nagpura गांव की रहने वाली चंद्रकली वर्मा के रोजमर्रा के काम का हिस्सा बन चुका है। आधुनिक तकनीक के सहारे उन्होंने न केवल अपनी जिंदगी बदली है बल्कि आसपास के किसानों को भी खेती में नई सुविधा उपलब्ध कराई है।
चंद्रकली वर्मा Arang विकासखंड के ग्राम नगपुरा की निवासी हैं। उन्होंने नवंबर 2023 में Namo Drone Didi Scheme से जुड़कर आधुनिक तकनीक के साथ खेती से जुड़ा काम शुरू किया। दिसंबर 2023 में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने ड्रोन की मदद से खेतों में कीटनाशक छिड़काव की सेवा देना शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने अपने गांव और आसपास के कुछ खेतों में ही यह काम किया, लेकिन धीरे-धीरे किसानों को इसके फायदे समझ में आने लगे।
ड्रोन तकनीक के कारण किसानों को बड़ी सुविधा मिल रही है। जहां पहले खेतों में मजदूरों के जरिए कीटनाशक छिड़काव करने में काफी समय और मेहनत लगती थी, वहीं अब ड्रोन से महज 10 मिनट में एक एकड़ खेत में कीटनाशक का छिड़काव हो जाता है। इससे किसानों का समय और श्रम दोनों बचते हैं और दवा भी समान रूप से पूरे खेत में पहुंचती है, जिससे फसल को बेहतर सुरक्षा मिलती है।
ड्रोन से छिड़काव की सुविधा मिलने के बाद आसपास के गांवों के किसान भी उनसे संपर्क करने लगे। धीरे-धीरे यह काम बढ़ता गया और आज चंद्रकली वर्मा करीब 40 किलोमीटर के दायरे में लगभग 70 गांवों के किसानों के खेतों में ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव की सेवा दे रही हैं। खरीफ और रबी सीजन के दौरान काम ज्यादा होने पर उन्हें कई बार दिन में दो शिफ्ट में भी काम करना पड़ता है।
ड्रोन से छिड़काव के लिए उन्हें प्रति एकड़ लगभग 300 रुपये मिलते हैं। काम बढ़ने के साथ उनकी आय में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है। अब वे एक सीजन में करीब डेढ़ लाख रुपये तक की कमाई कर लेती हैं। काम का दायरा बढ़ने के कारण उन्होंने अपने साथ तीन अन्य लोगों को भी रोजगार दिया है, जिससे गांव के युवाओं को भी रोजगार का अवसर मिल रहा है।
चंद्रकली वर्मा घर की जिम्मेदारियों के साथ अपने काम को भी बखूबी निभा रही हैं। सुबह घर के कामकाज निपटाने के बाद वे खेतों की ओर निकल जाती हैं और दिनभर किसानों के खेतों में ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव का काम करती हैं। उनका कहना है कि ड्रोन तकनीक ने उनकी जिंदगी बदल दी है। इससे उनकी आय बढ़ी है और किसानों को भी आधुनिक खेती का फायदा मिल रहा है।
दरअसल, महिलाओं को तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में Narendra Modi के नेतृत्व में नमो ड्रोन दीदी योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में देशभर की एक लाख महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। योजना को देश के विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से लागू किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इस योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है। साथ ही खेती में लगने वाली लागत को कम करने और आधुनिक तकनीक को गांवों तक पहुंचाने में भी यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो रही है। नगपुरा की चंद्रकली वर्मा इसी योजना की एक सफल मिसाल बनकर सामने आई हैं, जो आज तकनीक के सहारे न केवल अपनी पहचान बना रही हैं बल्कि सैकड़ों किसानों की खेती को भी आसान बना रही हैं।

