पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार को रक्षा क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में तेज़ी देखने को मिली. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स जैसी कंपनियों के शेयर कारोबार के दौरान करीब 10 फीसदी तक चढ़ गए. तीन दिनों की गिरावट के बाद व्यापक शेयर बाजार में भी सुधार देखने को मिला. वहीं पश्चिम एशिया में तनाव से जुड़ी खबरों के बाद वैश्विक बाजारों में भी तेजी आई, जिसका असर भारतीय रक्षा कंपनियों के शेयरों पर दिखाई दिया.
निफ्टी डिफेंस पैक में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स सबसे ज्यादा बढ़त वाला शेयर रहा और यह करीब 3.6 फीसदी तक चढ़ गया. मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के शेयर में भी लगभग 5.3 फीसदी तक तेजी आई, जबकि हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स का शेयर करीब 0.5 फीसदी ऊपर कारोबार करता दिखा. निफ्टी डिफेंस इंडेक्स में शामिल 18 रक्षा कंपनियों में से 16 के शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे. वहीं सिर्फ दो कंपनियां Cyient DLM और Dynamatic Technologies लाल निशान में रहीं.
तेजी के मुख्य कारण
- पश्चिम एशिया में तनाव
ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने रक्षा कंपनियों के शेयरों में दिलचस्पी बढ़ा दी है. आमतौर पर ऐसे हालात में देशों का ध्यान अपनी रक्षा तैयारियों पर ज्यादा होता है. इससे मिसाइल, ड्रोन, निगरानी सिस्टम, गोला-बारूद और रडार जैसे रक्षा उपकरणों की मांग बढ़ने की उम्मीद रहती है. इसी उम्मीद में निवेशक रक्षा कंपनियों के शेयर खरीदते हैं. - गिरावट के बाद खरीदारी
पिछले कारोबारी सत्र में इस सेक्टर के शेयर करीब 1 फीसदी गिरे थे. ऐसे में कई ट्रेडर्स ने इसे अच्छा मौका मानकर खरीदारी की, जिससे शेयरों में तेजी आई. - शिपबिल्डिंग कंपनियों में जोरदार खरीदारी
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के शेयरों में भी मजबूत उछाल देखा गया और यह करीब 10 फीसदी तक चढ़ गया. खबर है कि भारतीय नौसेना जर्मनी की कंपनी Thyssenkrupp Marine Systems से लगभग 99,000 करोड़ रुपये की लागत से छह पनडुब्बियां खरीदने का सौदा अंतिम रूप दे सकती है. इन पनडुब्बियों का निर्माण मुंबई में मझगांव डॉक में किया जा सकता है.

