बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। चर्चा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजा जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो राज्य की सत्ता संरचना में बड़ा परिवर्तन संभव है और राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।
क्या बिहार छोड़ दिल्ली जाएंगे नीतीश कुमार?
राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर गहन चर्चा जारी है कि 2026 के राज्यसभा चुनावों के मद्देनज़र जेडीयू और बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के बीच रणनीतिक मंथन चल रहा है। यदि नीतीश कुमार सक्रिय राज्य राजनीति से हटकर दिल्ली की ओर रुख करते हैं और राज्यसभा सदस्य बनते हैं, तो बिहार में मुख्यमंत्री पद खाली हो जाएगा। ऐसी स्थिति में गठबंधन की सहयोगी और संख्या बल के लिहाज से बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) मुख्यमंत्री पद पर अपना दावा पेश कर सकती है। मौजूदा विधानसभा गणित को देखते हुए बीजेपी का दावा स्वाभाविक माना जा रहा है।
CM की कुर्सी खाली होगी?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि नीतीश कुमार केंद्र की राजनीति में कोई बड़ी भूमिका स्वीकार करते हैं, तो यह केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं बल्कि व्यापक गठबंधन रणनीति का हिस्सा होगा। इससे राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर नई राजनीतिक संरचना देखने को मिल सकती है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक न तो जेडीयू और न ही बीजेपी की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है। लेकिन जिस तरह से अंदरूनी चर्चाओं की खबरें सामने आ रही हैं, उससे यह साफ है कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव है।
