नई दिल्ली,02मार्च : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट मैच 4 मार्च से खेले जाएंगे. टूर्नामेंट का दूसरा सेमीफाइनल मैच भारत और इंग्लैंड की टीमों के बीच खेला जाएगा. इंग्लैंड की टीम ग्रुप-2 में टॉप करके यहां पहुंची है. वहीं, भारतीय टीम ने सुपर-8 राउंड को दूसरे स्थान पर खत्म किया था. ये दोनों टीमें लगातार तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगी. हालांकि, इस बार टीम इंडिया के पास सालों पुरानी हार का बदला लेने का मौका भी होगा.
भारत के पास 1987 की हार का बदला लेने का मौका
टी20 वर्ल्ड कप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल मैच भारत और इंग्लैंड के बीच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा, ठीक वही मैदान जहां 1987 में भारत को वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में इंग्लैंड से हार का सामना करना पड़ा था. इतिहास एक बार फिर दोहराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इस बार टीम इंडिया पुरानी हार का बदला लेने के लिए पूरी तरह तैयार है. जीत मिली तो फाइनल का टिकट भी भारत के हाथ में होगा.
बता दें, 5 नवंबर 1987 को वानखेड़े स्टेडियम में वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड आमने-सामने थे. भारत उस समय डिफेंडिंग चैंपियन था और घरेलू मैदान पर फाइनल की उम्मीदें बहुत ज्यादा थीं. उस मैच में टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाजी चुनी. लेकिन इंग्लैंड ने 50 ओवर में 254 रनों का मजबूत स्कोर बनाया था. जवाब में भारत की शुरुआत खराब रही थी और फिर टीम 45.3 ओवर में 219 पर ऑलआउट हो गई थी. यह हार भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए एक सदमा थी, क्योंकि घरेलू मैदान पर सेमीफाइनल हारना बहुत भारी पड़ा था.
वानखेड़े स्टेडियम में बदलना होगा इतिहास
39 साल बाद वही वानखेड़े स्टेडियम, वही दो टीमें, लेकिन फॉर्मेट टी20 है. यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए सिर्फ सेमीफाइनल नहीं, बल्कि एक पुरानी याद को मीठा करने का मौका भी है. हालांकि, जब पिछली बार टी20 वर्ल्ड कप भारत में खेला गया था, तब टीम इंडिया ने अपना सेमीफाइनल मैच वानखेड़े स्टेडियम में ही खेला था. लेकिन उस मैच में भारतीय टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था. हालांकि, इस बार टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को हराकर अपने बदला पूरा कर लिया है और अब इंग्लैंड की बारी है.
