कांकेर,26 फरवरी (वेदांत समाचार)। जिले के छिंदपदर गांव में सक्रिय माओवादी संगठन की डीवीसीएम (डिविजनल कमेटी मेंबर) मासे बारसा ने एके-47 रायफल के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। वर्ष 2003 से दण्डकारण्य, अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर क्षेत्र में सक्रिय रही मासे बारसा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में थीं।
जानकारी के अनुसार, वह जंगल क्षेत्र से निकलकर सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और एसपी निखिल रखेचा के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इस दौरान उनके पास से एके-47 हथियार भी बरामद किया गया।
आत्मसमर्पण प्रक्रिया में नारायणपुर के पत्रकार रौशन ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बताया गया कि उन्होंने मासे बारसा को सुरक्षित रूप से जंगल क्षेत्र से बाहर निकालकर कांकेर स्थित एसपी कार्यालय तक पहुंचाने में सहयोग किया। रौशन ठाकुर ‘जोहार बस्तर: मावा नाटे मावा समाचार’ से जुड़े हैं और बस्तर क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी तथा एसपी निखिल रखेचा ने इस अवसर पर अन्य माओवादियों से भी हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि राज्य शासन की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को नियमानुसार आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और पुनर्वास सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह आत्मसमर्पण बस्तर संभाग में शांति स्थापना की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। सुरक्षा बलों ने उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में सक्रिय अन्य माओवादी भी प्रेरित होकर हिंसा का रास्ता छोड़ेंगे।
