बिलासपुर,25 फरवरी(वेदांत समाचार) । बिलासपुर में मंगलवार को आयोजित कलेक्टर जनदर्शन में कई महत्वपूर्ण शिकायतें सामने आईं। घोंघा जलाशय की डूब में आई खेती का 40 साल से मुआवजा नहीं मिलने और ढेका बाईपास रोड निर्माण से किसानों की फल-सब्जियों को हुई क्षति का भुगतान लंबित रहने के मामले प्रमुख रहे। साथ ही मजदूरी भुगतान से जुड़े आवेदन भी दिए गए। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने संबंधित विभागों को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। तखतपुर विकासखंड के ग्राम चनाडोंगरी की गंगोत्री बाई ने बताया कि उनकी लगभग 20 डिसमिल जमीन चार दशक पहले घोंघा जलाशय की डूब में चली गई थी, लेकिन आज तक मुआवजा नहीं मिला। कलेक्टर ने मामला जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता को भेजकर जांच के निर्देश दिए। ग्राम पत्थर्रा की सरपंच ज्योति गोस्वामी ने जर्जर मिडिल स्कूल भवन के स्थान पर नए भवन की मांग रखी। कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ को जांच कर कार्रवाई करने कहा।
मनरेगा मजदूरी भुगतान की गुहार
ग्राम मदनपुर की महिला श्रमिक सरिता बाई ने मनरेगा के तहत किए गए कार्य की बकाया मजदूरी दिलाने की मांग की। कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ को परीक्षण कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निजी भूमि पर सरकारी राशि से बोर खनन की शिकायत
मस्तूरी के सुकुलकारी ग्राम में रोजगार सहायक पर सरकारी राशि से निजी भूमि पर बोर खनन कराने का आरोप लगा। कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए। गढ़ कलेवा का संचालन कर रही महिला समूह ने भोजन पैकेट का भुगतान लंबित होने की शिकायत की। इस मामले में भी जिला पंचायत सीईओ को कार्रवाई के लिए कहा गया।
वीरांगना को भूमि आवंटन लंबित
मस्तूरी के रहने वाली भूतपूर्व सैनिक की पत्नी लक्ष्मीबाई ने बताया कि साल 2021 में पति के निधन के बाद मकान निर्माण के लिए 5 डिसमिल भूमि अब तक नहीं मिली। कलेक्टर ने प्रकरण एसडीएम मस्तूरी को भेजा।
खाद आपूर्ति और मुआवजा की मांग
हरदी कला के किसान मुरली प्रसाद साहू ने गरमी फसल के लिए खाद उपलब्ध नहीं होने की शिकायत की। उप पंजीयक सहकारिता को तत्काल खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। ढेका बाईपास सड़क निर्माण से प्रभावित किसानों ने फल-सब्जियों की क्षति का आकलन कर मुआवजा देने की मांग रखी। आवेदन एसडीएम बिलासपुर को भेजकर जांच के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने भी सुनीं समस्याएं
जनदर्शन में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल भी मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और समाधान की दिशा में पहल की।
