Vedant Samachar

पत्नी की हत्या मामले में पति को उम्रकैद की सजा बंद कमरे में मिला था शव, कुल्हाड़ी से वार कर मार डाला था

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दुर्ग,25फरवरी (वेदांत समाचार)। दुर्ग जिले में पत्नी की हत्या के मामले में पाटन न्यायालय ने आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश दुलार सिंह निर्मलकर ने आरोपी गोपीराम यादव (60) को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत दोषी ठहराया। फैसला 24 फरवरी 2026 को सुनाया गया। न्यायालय ने गोपीराम यादव पर एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर पांच माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा।

कच्चे मकान में हुई थी वारदात

घटना उतई थाना क्षेत्र के ग्राम मर्रा गोठानपारा की है। वारदात 16 जुलाई 2024 की रात 9:30 बजे से 17 जुलाई की सुबह 5:00 बजे के बीच एक कच्चे मकान में हुई। 17 जुलाई की सुबह ग्राम सरपंच ने उतई थाने को सूचना दी कि गोपीराम यादव दरवाजा नहीं खोल रहा है और पुलिस बुलाने पर ही दरवाजा खोलने की बात कर रहा है।

बंद कमरे में मिला शव

उतई पुलिस मौके पर पहुंची। कमरा अंदर से बंद था, जिसे सब्बल से कुंडी निकालकर खोला गया। कमरे के भीतर खाट के पास सकुन बाई का शव पड़ा मिला। गले पर धारदार टंगिया से गहरा वार किया गया था। पास ही खून से सना टंगिया भी मिला। आरोपी गोपीराम यादव कमरे के भीतर ही मौजूद था। पूछताछ में उसने पत्नी की हत्या करना स्वीकार किया। पुलिस ने मौके से खून लगी दरी, कथरी और टंगिया जब्त की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतिका के गले पर धारदार हथियार से घातक चोट की पुष्टि हुई। एफएसएल रिपोर्ट में दरी, पेटीकोट और आरोपी की शर्ट पर “AB” समूह का मानव रक्त पाया गया। न्यायालय ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 109 का उल्लेख करते हुए कहा कि कमरा अंदर से बंद था और आरोपी ही मृतिका के साथ अंतिम समय में मौजूद था। ऐसे में विशेष परिस्थितियों की स्पष्ट जानकारी देना आरोपी की जिम्मेदारी थी। आरोपी संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सका।

मामले में मृतिका की बहू गितेश्वरी यादव और पुत्र संतोष यादव सहित 14 साक्षियों के बयान दर्ज हुए। दोनों ने स्पष्ट कहा कि गोपीराम ने टंगिया से वार किया। बचाव पक्ष ने मानसिक स्थिति ठीक न होने और शौचालय जाने जैसे तर्क रखे, लेकिन कोई दस्तावेज या साक्ष्य पेश नहीं किया गया।

न्यायालय ने माना कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की सभी कड़ियां एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। कमरे में किसी अन्य व्यक्ति के प्रवेश की संभावना नहीं थी। फैसले में कहा गया कि अभियोजन ने हत्या का अपराध संदेह से परे सिद्ध किया है। पत्नी पर प्राणघातक हमला अत्यंत गंभीर अपराध है। सजा पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने प्रथम अपराध बताते हुए नरमी की मांग की, जबकि अभियोजन ने कठोर दंड की अपील की। अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई और सजा वारंट जारी कर आरोपी को केंद्रीय कारागार दुर्ग भेजने का आदेश दिया।

पुरानी रंजिश में युवक पर ब्लेड से हमला

जिले के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में सोमवार रात पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर धारदार ब्लेड से हमला किया गया। डबरापारा ओवरब्रिज के पास हुई इस घटना में 24 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, डबरापारा उत्तर निवासी जग्गा ढीमर (24) ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। 23 फरवरी 2026 की रात करीब 10 बजे आरोपी उसे ओवरब्रिज के पास रोककर अश्लील गाली-गलौज करने लगे। जान से मारने की धमकी भी दी गई।

गले, कंधे और अंगूठे पर वार

आरोप है कि दीपक भारती ने धारदार ब्लेड से जग्गा ढीमर के गले, बाएं कंधे और बाएं हाथ के अंगूठे पर वार किया। पवन भारती ने हाथ-मुक्कों से मारपीट की। घायल युवक को तुरंत चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

थाना पुरानी भिलाई में अपराध क्रमांक 109/2026 दर्ज किया गया। भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 115(2), 118(1), 3(5) के तहत प्रकरण कायम हुआ। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और गवाहों के बयान दर्ज किए।

घेराबंदी कर दोनों आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने घेराबंदी कर डबरापारा शिव मंदिर के पास रहने वाले दीपक भारती (19 वर्ष) और पवन भारती (22 वर्ष) को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार किया।

घटना में प्रयुक्त ब्लेड बरामद

दीपक भारती के मेमोरेण्डम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त धारदार ब्लेड बरामद कर जब्त किया गया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।

एक दिन पहले हुए विवाद से बढ़ी रंजिश

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि एक दिन पहले हुए आपसी विवाद ने रंजिश का रूप ले लिया था। इसी के चलते सुनियोजित तरीके से हमला किया गया। मामले की जांच जारी है।

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