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क्या इमरान खान की हत्या की साजिश?: बहनों का आरोप- नकवी दे रहे धमकी, आसिम मुनीर भी रास्ते से हटाने की ताक में

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कराची,18 फरवरी। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और देश को 1992 वनडे विश्वकप जिताने वाले पूर्व कप्तान इमरान खान इन दिनों चर्चा में हैं। दुनिया भर के 14 पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखकर जेल में बंद इमरान खान के जल्द से जल्द और बेहतर इलाज मुहैया कराने की मांग की थी। हालांकि, इस पर पाकिस्तान सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह पूरा मामला रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद इमरान खान की कथित मेडिकल इमरजेंसी के बीच सामने आया है।

इसी कड़ी में इमरान खान की बहनों ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर और उनके लोग इमरान को जेल में मारने की साजिश रच रहे हैं। इमरान खान की बहने डॉ. उजमा खान और अलीमा खान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि पाकिस्तानी सरकार और सैन्य नेतृत्व की ओर से इमरान खान को हिरासत में खत्म करने की साजिश रची जा रही। दोनों बहनों ने आसिम मुनीर के अलावा पाकिस्तान के गृह मंत्री और पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी का भी नाम लिया।

‘इन्होंने मुझे मारने की योजना बना ली है’
उजमा खान ने बताया कि उन्होंने हाल ही में इमरान खान से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान इमरान ने उनसे साफ शब्दों में कहा, ‘ये लोग मुझे मार देंगे। इन्होंने मुझे खत्म करने की योजना बना ली है।’ बहनों ने मौजूदा सत्ता व्यवस्था को ‘आसिम मुनीर शासन’ करार देते हुए कहा कि उनके भाई की जान को गंभीर खतरा है।

सेहत को लेकर बढ़ी चिंता
अलीमा खान ने बताया कि इमरान खान की आंखों की सेहत तेजी से बिगड़ रही है और उन्हें अपने भरोसेमंद डॉक्टरों से मिलने नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि उनके भाई को चिकित्सा सुविधा देने में लापरवाही बरती जा रही है। उनकी मेडिकल रिपोर्ट पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में भी पेश की जा चुकी है, जिसमें एक आंख की दृष्टि में गंभीर कमी का जिक्र है। कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमरान खान की दाहिनी आंख की 85 प्रतिशत रोशनी जा चुकी है। दिसंबर 2025 में उनके बेटे सुलेमान ने कहा था, ‘वह एक बहुत छोटी कोठरी में हैं, जिसे डेथ सेल कहा जाता है।’ इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। 2022 में सत्ता से हटाए जाने के बाद उन पर भ्रष्टाचार के कई मामले दर्ज हुए। दिसंबर 2025 में उन्हें 31 साल की सजा सुनाई गई।

सरकारी मेडिकल टीम पर अविश्वास
इमरान खान के परिवार ने सरकार द्वारा नियुक्त मेडिकल टीम की रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है। परिवार की मांग है कि उनका इलाज उनके निजी डॉक्टर डॉ. आसिम और डॉ. फैसल से कराया जाए। अलीमा खान ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, ‘आप जेल में डॉक्टरों की एक टीम भेजकर हमसे उसकी रिपोर्ट स्वीकार करने को कहें, लेकिन ऐसा होगा नहीं।’ परिवार ने स्पष्ट किया कि इमरान खान को इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए, जहां उनका इलाज उनके अपने डॉक्टरों और परिवार की मौजूदगी में हो सके।

परिवार को भी मिल रहीं धमकियां
इमरान खान की बहनों ने यह भी आरोप लगाया कि सच बोलने के कारण उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया जा रहा है। उजमा खान ने दावा किया कि मोहसिन नकवी हमारे परिवार को भी धमका रहे हैं। उजमा और आलीमा के इन आरोपों ने पाकिस्तान की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है। फिलहाल सरकार या सैन्य नेतृत्व की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने बुधवार को उनके स्वास्थ्य, खासकर आंखों की रोशनी को लेकर चिंता के बीच अपना विरोध तेज कर दिया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने पंजाब प्रांत और खैबर पख्तूनख्वा को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग को जाम कर दिया और इस्लामाबाद में संसद के पास धरना दिया।

14 पूर्व कप्तानों ने की थी यह मांग
इससे पहले मंगलवार को 73 वर्षीय इमरान की बिगड़ती सेहत की खबरों के बीच दुनिया के 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को एक संयुक्त पत्र लिखकर उन्हें तत्काल और उचित चिकित्सा सुविधा देने की मांग की है। हालांकि, आश्चर्य की बात तो यह है कि इस लिस्ट में एक भी पाकिस्तानी कप्तान नहीं है। इन 14 पूर्व कप्तानों में भारत के महान सुनील गावस्कर और कपिल देव भी शामिल हैं।

किन-किन दिग्गजों ने किए हस्ताक्षर?
इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में भारत के सुनील गावस्कर और कपिल देव के अलावा ग्रेग चैपल, बेलिंडा क्लार्क, माइकल एथरटन, नासिर हुसैन, इयान चैपल, एलन बॉर्डर, माइकल ब्रियरले, डेविड गावर, किम ह्यूज, क्लाइव लॉयड, स्टीव वॉ और जॉन राइट शामिल हैं। गौर करने वाली बात यह है कि इस सूची में किसी भी पूर्व पाकिस्तानी कप्तान का नाम नहीं है।

पत्र में क्या कहा गया?
पत्र में पूर्व कप्तानों ने लिखा है, ‘हम, अपने-अपने देशों की राष्ट्रीय क्रिकेट टीमों के पूर्व कप्तान, इमरान खान की हिरासत और उनके साथ हो रहे व्यवहार को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। इमरान खान विश्व क्रिकेट के महानतम ऑलराउंडरों और कप्तान में से एक रहे हैं। उन्होंने 1992 विश्व कप में पाकिस्तान को ऐतिहासिक जीत दिलाई, जो खेल भावना और नेतृत्व का प्रतीक थी।’ आगे कहा गया, ‘हालिया रिपोर्टों में उनकी सेहत, खासकर दृष्टि कमजोर होने की खबरें बेहद चिंताजनक हैं। हम पाकिस्तान सरकार से आग्रह करते हैं कि उन्हें तत्काल, पर्याप्त और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, हिरासत की स्थिति मानवीय और गरिमापूर्ण होनी चाहिए।’

खेल से परे एक अपील
पत्र के अंत में लिखा गया है, ‘क्रिकेट हमेशा देशों के बीच एक ब्रिज (सेतु) का काम करता रहा है। प्रतिद्वंद्विता पिच तक सीमित रहती है, सम्मान हमेशा कायम रहता है। हम यह अपील खेल भावना और मानवीय मूल्यों के तहत कर रहे हैं, किसी कानूनी प्रक्रिया में हस्तक्षेप के उद्देश्य से नहीं।’

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