अयोध्या,18 फरवरी । अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति की अहम बैठक होने जा रही है। बैठक में मंदिर निर्माण की प्रगति, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और आधुनिक तकनीक से जुड़ी नई योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।
मंगलवार को हुई प्रारंभिक बैठक के बाद समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को विशेष अनुभव देने के लिए अत्याधुनिक गैलरियां विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि एक बड़ी 3D गैलरी तैयार की जाएगी, जिसमें भक्तों को मंदिर के रीति-रिवाज, पूजा-अर्चना, आरती और परिसर के 14 मंदिरों का वर्चुअल अनुभव कराया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य उन श्रद्धालुओं को भी दर्शन का अनुभव देना है, जो किसी कारणवश अयोध्या नहीं आ पाते। साथ ही, भीड़ अधिक होने की स्थिति में श्रद्धालु अलग से बनाए गए कक्ष में बैठकर 3D माध्यम से आराम से दर्शन कर सकेंगे। इसके लिए ऐसी कंपनी की तलाश की जा रही है, जो पूरे मंदिर परिसर का उच्च गुणवत्ता वाला वीडियो तैयार कर 3D सेटअप में प्रस्तुत कर सके।
दो विशेष गैलरियों की योजना
समिति के अनुसार, मंदिर में दो प्रमुख गैलरियां बनाई जाएंगी। पहली गैलरी में पिछले 500 वर्षों के ऐतिहासिक विवरण प्रदर्शित किए जाएंगे, जिससे आगंतुकों को मंदिर के इतिहास की जानकारी मिल सके। दूसरी गैलरी में खुदाई से प्राप्त अवशेष और सामग्री प्रदर्शित की जाएगी, जिससे मंदिर की प्राचीनता और ऐतिहासिक प्रमाणों को समझा जा सके।
इसके अलावा ‘पुष्पक’ थीम पर आधारित एक 7D गैलरी भी प्रस्तावित है, जिसमें भगवान श्रीराम के चरणों से जुड़े प्रमुख स्थलों का तकनीकी अनुभव कराया जाएगा। इस परियोजना को 6 से 9 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि मंदिर निर्माण का शेष कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। परिसर में श्रद्धालुओं के सामान रखने की बेहतर व्यवस्था और गर्मी से बचाव के उपाय भी किए जा रहे हैं, ताकि दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
समिति का कहना है कि आधुनिक तकनीक और सुव्यवस्थित प्रबंधन के जरिए श्रद्धालुओं को सहज, सुरक्षित और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना प्राथमिकता है।
