जांजगीर-चांपा,17 फरवरी(वेदांत समाचार)। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के कार्यों, समय-सीमा के लंबित प्रकरणों तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ, अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अवकाश पर जाने से पूर्व सक्षम अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा तथा अपने स्थान पर लिंक अधिकारी की नियुक्ति सुनिश्चित करनी होगी, ताकि कार्यों की निरंतरता बनी रहे। अवकाश आवेदन में लिंक अधिकारी का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने राज्य शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि सभी अधिकारी मंगलवार और बुधवार को अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहेंगे और इस दौरान लंबित नस्तियों का निराकरण, विभागीय समीक्षा तथा आमजनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से करेंगे। वहीं गुरुवार और शुक्रवार को मैदानी स्तर पर योजनाओं की प्रगति का निरीक्षण किया जाएगा। शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिले के स्कूलों में अनिवार्य बायोमेट्रिक आधार अपडेट के लिए आयोजित विशेष शिविरों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने कार्य में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी शासकीय विद्यालयों में आवश्यक बालिका शौचालयों की जानकारी लेकर प्रस्ताव प्रस्तुत करने तथा मरम्मत योग्य शौचालयों की सूची शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया।
कलेक्टर ने आगामी जनगणना को महत्वपूर्ण कार्य बताते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण और आवश्यक तैयारियां प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
नगर पालिका के सीएमओ को एपीएल से बीपीएल में नाम जोड़ने के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। खाद्य विभाग को यह भी निर्देशित किया गया कि यदि एक ही व्यक्ति द्वारा एक से अधिक स्थानों पर राशन दुकान संचालित की जा रही है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
गर्मी के मौसम को देखते हुए संभावित पेयजल संकट वाले क्षेत्रों की भी समीक्षा की गई। संबंधित विभागों को अग्रिम तैयारी पूर्ण रखने, आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं को समय से पहले सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
