रायगढ़,16 फरवरी(वेदांत समाचार)। जिले में मवेशी तस्करी और पशु क्रूरता के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत पुलिस ने लगातार दूसरे दिन सख्त कार्रवाई करते हुए एक मवेशी तस्कर को गिरफ्तार किया है और उसके कब्जे से 6 नग गौवंश को मुक्त कराया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिलेभर में मवेशी तस्करी के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना लैलूंगा पुलिस ने सूचना के आधार पर घेराबंदी कर कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि पर्व के दौरान थाना लैलूंगा की टीम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी और पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति कृषक मवेशियों को क्रूरतापूर्वक मारते-पीटते हुए पैदल उड़ीसा के बूचड़खाने की ओर ले जा रहा है।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम गवाहों के साथ ग्राम बांसडांड खालपारा तिराहा पहुंची और घेराबंदी की। मौके पर एक व्यक्ति 6 गौवंश को पैदल हांकते मिला। पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना नाम सिद्धाराम अंचल (54 वर्ष), निवासी ग्राम बांसडांड, थाना लैलूंगा, जिला रायगढ़ बताया। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह गौवंश को धरमजयगढ़ क्षेत्र के आमापाली से खरीदकर उड़ीसा बूचड़खाने में बिक्री के लिए ले जा रहा था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 6 नग गौवंश, जिनकी अनुमानित कीमत 48 हजार रुपये बताई गई है, को विधिवत जप्त किया। सभी मवेशियों का पशु चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया और उनके सुरक्षित संरक्षण की व्यवस्था की गई।
आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10, 11 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत मामला दर्ज कर थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 48/2026 कायम किया गया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन शंखनाद के तहत जिले में मवेशी तस्करी और अवैध परिवहन के मामलों में लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें, सूचनाकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
