Vedant Samachar

विदेशी बाजारों में भारतीय कारों का जलवा, एक्सपोर्ट 33% उछला

Vedant Samachar
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भारत के ऑटोमोबाइल निर्यात क्षेत्र ने साल 2026 की शुरुआत मजबूत प्रदर्शन के साथ की है. वैश्विक बाजारों में भारतीय वाहनों की बढ़ती मांग का असर जनवरी के आंकड़ों में साफ दिखाई देता है. ऑटोमोबाइल निर्माताओं के संगठन सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) द्वारा जारी ताजा डेटा के मुताबिक, जनवरी 2026 में भारत से कुल 76,822 वाहनों का निर्यात हुआ, जबकि जनवरी 2025 में ये संख्या 57,585 थी. इस तरह साल-दर-साल आधार पर कुल निर्यात में 33.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट
कई कैटेगरी श्रेणियों में पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया. जनवरी 2026 में 37,329 पैसेंजर वाहन विदेश भेजे गए, जो पिछले साल की समान अवधि के 25,990 यूनिट्स से 43.6% ज्यादा हैं. यूटिलिटी व्हीकल (UV) कैटेगरी में भी अच्छा उछाल देखने को मिला. इस सेगमेंट में 38,421 यूनिट्स का निर्यात हुआ, जबकि जनवरी 2025 में ये आंकड़ा 30,457 था, यानी 26.1% की बढ़त. हालांकि वैन श्रेणी में मामूली गिरावट रही और निर्यात 1,138 यूनिट्स से घटकर 1,072 यूनिट्स पर आ गया.

टोयोटा हाइराइडर की सेल
दिसंबर 2025 के निर्यात आंकड़ों पर नजर डालें तो टोयोटा की टोयोटा हाइराइडर 5,164 यूनिट्स के साथ पहले नंबर पर रही, जो दिसंबर 2024 की तुलना में ज्यादा है. मारुति सुजुकी की मारुति जिम्नी और मारुति ई विटारा का प्रदर्शन भी शानदार रहा. वहीं मारुति फ्रोंक्स के निर्यात में कमी दर्ज की गई. महिंद्रा एंड महिंद्रा की महिंद्रा XUV 3XO के निर्यात में बढ़ोतरी देखी गई.

कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी सकारात्मक रुझान है. महिंद्रा स्कॉर्पियो पिकअप की मांग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बनी हुई है. इंडोनेशिया की एक सरकारी कंपनी से 35,000 यूनिट्स का बड़ा निर्यात ऑर्डर मिलना इस दिशा में बड़ी उपलब्धि है. ये अब तक का सबसे बड़ा निर्यात अनुबंध माना जा रहा है और भारतीय विनिर्माण क्षमता की मजबूती को दिखाता है. कुल मिलाकर, 2026 की शुरुआत ने संकेत दे दिए हैं कि भारतीय ऑटो उद्योग वैश्विक मंच पर अपनी पकड़ लगातार मजबूत कर रहा है.

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