रायपुर,14 फरवरी(वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ शासन ने प्रदेश के होटल, रेस्टोरेंट और क्लब संचालकों को बड़ी राहत देते हुए बार लाइसेंस शुल्क और न्यूनतम बैंक गारंटी में भारी कटौती का फैसला किया है। नई आबकारी नीति के तहत 7 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में बार लाइसेंस की फीस 24 लाख रुपये से घटाकर 18 लाख रुपये कर दी गई है। इससे नए बार खोलना पहले की तुलना में अधिक आसान और किफायती हो जाएगा।
सरकार के इस निर्णय को पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र के लिए बड़ा प्रोत्साहन माना जा रहा है। कम लाइसेंस शुल्क के कारण अधिक निवेशक इस क्षेत्र में प्रवेश कर सकेंगे, जिससे कारोबार और रोजगार दोनों के अवसर बढ़ेंगे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, नीति में बदलाव का उद्देश्य नियंत्रित व्यवस्था के साथ व्यावसायिक गतिविधियों को विस्तार देना है।
नई नीति का एक महत्वपूर्ण प्रावधान एयरपोर्ट परिसर में बार संचालन की अनुमति से जुड़ा है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डा के भीतर बार खोलने की ऐतिहासिक मंजूरी दी गई है। यह सुविधा केवल उन रेस्टोरेंट संचालकों को मिलेगी जिनके पास एयरपोर्ट अथॉरिटी का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) होगा। इससे यात्रियों को एयरपोर्ट के भीतर ही भोजन के साथ विदेशी मदिरा उपलब्ध हो सकेगी।
एयरपोर्ट बार के लिए सुरक्षा और अनुशासन से जुड़े नियम कड़े रखे गए हैं। लाइसेंस जारी करने से पहले सभी नियामकीय और सुरक्षा शर्तों का पालन अनिवार्य होगा।
बार संचालन के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सभी बार सुबह 11 बजे से रात 11 बजे तक ही संचालित होंगे। प्रीमियम श्रेणी के बार (FL-3 और FL-4) में 750 रुपये से कम कीमत वाले क्वार्टर की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। वहीं अन्य बारों में 1140 रुपये से कम कीमत की बोतल बेचने की अनुमति नहीं होगी।
नई दरें और नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे। इसके बाद पुराने लाइसेंसों का नवीनीकरण और नए लाइसेंस संशोधित कम शुल्क दर पर ही जारी किए जाएंगे। सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से राज्य में संगठित नाइटलाइफ और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
