Vedant Samachar

गोबोल्ट ने मस्टैंग साझेदारी बढ़ाई, FY 27-28 तक ₹3,000 करोड़ राजस्व का लक्ष्य; नई स्मार्टवॉच और TWS लॉन्च

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चंडीगढ़, 12 फरवरी 2026। भारत के तेजी से बढ़ते वियरेबल्स और ऑडियो ब्रांड गोबोल्ट ने अपनी दीर्घकालिक ग्रोथ स्ट्रेटेजी की घोषणा करते हुए मस्टैंग के साथ साझेदारी का विस्तार किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 27-28 तक 3,000 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा है। इसी रणनीति के तहत गोबोल्ट ने मस्टैंग ब्रांड के अंतर्गत तीन नई स्मार्टवॉच—स्टैलियन, रेसर और मसल—साथ ही एक नया TWS ऑडियो प्रोडक्ट ‘मस्टैंग स्प्रिंट’ लॉन्च किया है।

कंपनी के अनुसार वित्त वर्ष 25 में लगभग 800 करोड़ रुपये की बिक्री के बाद अब फोकस प्रीमियम और मिड-प्रीमियम सेगमेंट पर शिफ्ट किया जा रहा है। नई रणनीति छूट आधारित बिक्री मॉडल से हटकर बेहतर मार्जिन, मजबूत ब्रांड पहचान और दीर्घकालिक स्थिर वृद्धि पर केंद्रित है। गोबोल्ट और मस्टैंग की साझेदारी अब तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुकी है और इसे केवल ऑडियो तक सीमित न रखकर वियरेबल्स और ऑडियो के संयुक्त इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है। कंपनी का दावा है कि वह भारत की पहली वियरेबल्स कंपनी है जिसने मस्टैंग जैसे वैश्विक ऑटोमोटिव परफॉर्मेंस ब्रांड को ऑडियो और वियरेबल्स इकोसिस्टम से जोड़ा है।

मस्टैंग सीरीज़ के विस्तार के साथ लॉन्च किए गए प्रोडक्ट्स को ऑटोमोटिव डिजाइन एलिमेंट्स से प्रेरित हार्डवेयर कंट्रोल, मटेरियल और यूज़र एक्सपीरियंस के साथ तैयार किया गया है। कंपनी को उम्मीद है कि मस्टैंग पोर्टफोलियो से बिक्री अगले चरण में लगभग 2 करोड़ रुपये से बढ़कर 12 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।

गोबोल्ट के को-फाउंडर वरुण गुप्ता ने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 27 या 28 तक 3,000 करोड़ रुपये के वियरेबल्स और ऑडियो बिज़नेस की दिशा में आगे बढ़ रही है और मस्टैंग के साथ डिजाइन-केंद्रित साझेदारी इस ग्रोथ का मुख्य आधार है। उनका कहना है कि प्रोडक्ट अनुभव को मस्टैंग के डीएनए के अनुरूप तैयार किया गया है ताकि ब्रांड का व्यक्तित्व रोजमर्रा के उपयोग का हिस्सा बन सके।

को-फाउंडर तरुण गुप्ता के अनुसार कंपनी ऐसे प्रोडक्ट्स पर ध्यान दे रही है जिन्हें उपभोक्ता लंबे समय तक उपयोग में रखना चाहें। प्रीमियम और मिड-प्रीमियम सेगमेंट में बढ़ते फोकस के साथ मस्टैंग कलेक्शन कंपनी के डिजाइन और क्वालिटी मानकों को दर्शाता है।

फिलहाल कंपनी की लगभग 70 प्रतिशत आय ऑडियो प्रोडक्ट्स से और 30 प्रतिशत वियरेबल्स से आती है, लेकिन आने वाले समय में वियरेबल्स की हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद है। कंपनी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 26 तक प्रीमियम और मिड-प्रीमियम प्रोडक्ट्स का योगदान करीब 70 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। ऑफलाइन बिक्री भी 20 प्रतिशत से बढ़कर 40 प्रतिशत तक जाने का अनुमान है, खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में विस्तार के चलते।

फोर्ड के ग्लोबल ब्रांड लाइसेंसिंग मैनेजर टायलर हिल ने कहा कि मस्टैंग विश्व स्तर पर एक प्रतिष्ठित परफॉर्मेंस ब्रांड है और नई वियरेबल्स व ऑडियो रेंज मस्टैंग की डिजाइन पहचान को लाइफस्टाइल कैटेगरी तक विस्तारित करती है।

लॉन्च किए गए प्रोडक्ट्स में मस्टैंग स्टैलियन स्मार्टवॉच की एमआरपी 14,999 रुपये और लॉन्च कीमत 3,999 रुपये रखी गई है। मस्टैंग रेसर की एमआरपी 12,999 रुपये और लॉन्च कीमत 2,999 रुपये है। मस्टैंग मसल की एमआरपी 9,999 रुपये है, जिसकी लॉन्च कीमत जल्द घोषित होगी। वहीं मस्टैंग स्प्रिंट TWS की एमआरपी 5,999 रुपये और लॉन्च कीमत 1,499 रुपये रखी गई है। सभी प्रोडक्ट्स डी2सी, ईकॉमर्स और क्यूकॉम चैनलों पर पैन इंडिया उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कंपनी ने वर्ष 2030 तक अमेरिका, यूरोप, दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी एशिया में विस्तार की भी योजना बनाई है। गोबोल्ट का मानना है कि वियरेबल्स बाजार का अगला चरण उन ब्रांड्स के नाम होगा जो बड़े पैमाने के साथ मजबूत प्रीमियम पोजिशनिंग बनाए रख सकें।

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