नई दिल्ली,12 फरवरी । फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के शीर्षक को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने फिल्म निर्माता नीरज पांडे को फटकार लगाते हुए कहा कि किसी भी फिल्म के नाम के जरिए समाज के एक वर्ग को बदनाम नहीं किया जा सकता। मनोज बाजपेयी अभिनीत यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली थी।
नाम बदलने तक रिलीज पर रोक के संकेत
जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुयान की पीठ ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को नोटिस जारी किया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, “आप ऐसे टाइटल का इस्तेमाल करके समाज के एक हिस्से को बदनाम क्यों कर रहे हैं? यह नैतिकता और पब्लिक ऑर्डर के खिलाफ है। जब तक आप हमें बदला हुआ नाम नहीं बताते, हम फिल्म रिलीज की अनुमति नहीं देंगे।”
याचिका में लगाए गए गंभीर आरोप
फिल्म के खिलाफ दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि इसका शीर्षक जाति और धर्म आधारित स्टीरियोटाइप को बढ़ावा देता है तथा सांप्रदायिक सद्भाव और संवैधानिक मूल्यों को प्रभावित कर सकता है। यह याचिका भारतीय ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय संगठन सचिव अतुल मिश्रा द्वारा दाखिल की गई है, जिसमें फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई है।
देशभर में विरोध प्रदर्शन
फिल्म के नाम को लेकर कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन भी हुए। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने शीर्षक पर आपत्ति जताई। बढ़ते विवाद के बीच फिल्म निर्माताओं ने नाम बदलने की संभावना पर सहमति जताई है।
फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ में मनोज बाजपेयी के साथ नुसरत भरुचा, साकिब सलीम, अक्षय ओबेरॉय और दिव्या दत्ता प्रमुख भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई और फिल्म के नए शीर्षक पर टिकी है।
