Vedant Samachar

इस दिन किसानों के खाते में आएगा धान के बोनस का पैसा, साय सरकार ने तय कर दी सौगात देने की तारीख

Vedant Samachar
3 Min Read

रायपुर ,12 फरवरी(वेदांत समाचार): छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 31 जनवरी को खत्म हो चुकी है। हालांकि सरकार ने ऐसे किसानों के लिए दो दिन की मोहलत और दी थी जिनका टोकन कट गया था और धान नहीं बेच पाए थे। वहीं, अब किसानों को धान के भुगतान का इंतजार है, साथ ही बोनस की रकम की बाट जोह रहे हैं। बता दें कि छत्तीसगढ़ में धान की सबसे ज्यादा 3100 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान किया जाता है। समर्थन मूल्य के अलावा सरकार प्रदेश के अन्नदाताओं को ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत बोनस का भुगतान करती है।

अन्नदाताओं को होली से पहले सौगात
मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार ने किसानों को धान के बोनस की रकम का भुगतान करने के फैसले पर मुहर लगा दी है। सरकार ने कल यानि 11 फरवरी 2026 को हुई कैबिनेट की बैठक में किसानों को बोनस भुगतान की तारीख तय कर दी है। मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एकमुश्त भुगतान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

इस दिन खाते में आएगी बोनस की रकम
बता दें कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत धान के मूल्य के अंतर की राशि के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का भुगतान होली त्यौहार से पहले एकमुश्त किया जाएगा।

35 हजार करोड़ रुपए का भुगतान
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल के मान से की जा रही है, जो देश में सर्वाधिक है। बीते दो वर्षाें में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों को धान के मूल्य के अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इस साल होली से पूर्व किसानों को 10 हजार करोड़ रुपए का भुगतान होने से यह राशि बढ़कर 35 हजार करोड़ रुपए हो जाएगी।

ज्ञात हो ​कि इस सीजन में राज्य सरकार ने लगभग 1.57 करोड़ मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदने का नया कीर्तिमान रचा है। इस साल लगभग 27 लाख से अधिक किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया था, जो पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है।

Share This Article