Vedant Samachar

लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में खामियां, संशोधन के निर्देश

Vedant Samachar
3 Min Read

नई दिल्ली ,11 फरवरी । संसद का बजट सत्र जारी है। इसी बीच विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया है। हालांकि, इस नोटिस में तकनीकी खामियां पाए जाने के बाद अब उसमें संशोधन के निर्देश दिए गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों का कहना है कि नोटिस में फरवरी 2025 की घटनाओं का चार बार उल्लेख किया गया है, जो नियमों के तहत आपत्तिजनक माना जा सकता था और इसके आधार पर नोटिस खारिज भी किया जा सकता था। बताया जा रहा है कि अध्यक्ष ओम बिरला ने सचिवालय को निर्देश दिया है कि नोटिस को सीधे खारिज करने के बजाय उसमें पाई गई कमियों को दूर कर आगे की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होने के बाद संशोधित नोटिस को सूचीबद्ध किया जाएगा और नियमानुसार उसकी जांच की जाएगी।

9 मार्च को चर्चा संभव
सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर 9 मार्च को चर्चा हो सकती है। 13 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण का अंतिम दिन है। इसके बाद 8 मार्च से सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होगी, और उसी दौरान इस प्रस्ताव पर चर्चा संभावित है।

विपक्ष के आरोप
कांग्रेस ने मंगलवार (10 फरवरी) को अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया। विपक्ष ने अध्यक्ष पर “पक्षपातपूर्ण आचरण” का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विपक्षी नेताओं को सदन में बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।

नोटिस में चार प्रमुख घटनाओं का जिक्र किया गया है। इनमें लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने की अनुमति न देने का आरोप, आठ सांसदों का निलंबन, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा पूर्व प्रधानमंत्रियों पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां और स्पीकर के उस बयान का उल्लेख शामिल है जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संभावित अप्रिय स्थिति को देखते हुए सदन में न आने का आग्रह किया था।

नैतिक आधार पर निर्णय
सूत्रों के अनुसार, स्पीकर ओम बिरला ने नैतिक आधार पर यह निर्णय लिया है कि उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के निपटारे तक वे सदन की कार्यवाही में भाग नहीं लेंगे।

फिलहाल, संशोधित नोटिस और आगे की संसदीय प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Share This Article