नई दिल्ली,11फरवरी : टीम इंडिया को T20 वर्ल्ड कप 2026 में 15 फरवरी को पाकिस्तान से मुकाबला खेलना है. लेकिन, उससे पहले अश्विन ने पाकिस्तान के विवादित गेंदबाज को लेकर बड़ा बयान दिया है. विवादित पाक गेंदबाज से यहां मतलब उस्मान तारिक से है, जिनके बॉलिंग एक्शन पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं. अश्विन ने उनके उसी एक्शन पर सवाल उठाने वालों को दो टूक जवाब दिया है. अश्विन के मुताबिक अगर उस्मान तारिक को टारगेट करना है तो फिर पहले क्रिकेट के नियम बदलने पड़ेंगे.
श्रीवत्स के साधे निशाने के बाद अश्विन की दो टूक
अश्विन ने पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक को लेकर अपना जवाब पूर्व भारतीय क्रिकेटर श्रीवत्स गोस्वामी के उठाए सवाल पर दिया. श्रीवत्स गोस्वामी ने उस्मान तारिक के पर सवाल उठाते हुए अपने एक्स हैंडल पर लिखा- फुटबॉल में भी पेनाल्टी रनअप लेने से पहले रुकने की इजाजत नहीं होती. क्रिकेट में ये चीज कैसे सही मानी जा सकती है? एक्शन सही हैं मगर रुकना? वो भी गेंद को हाथ से रिलीज करने के वक्त. सीरियसली ये क्रिकेट में नहीं चल सकता.
साफ है श्रीवत्स गोस्वामी को पाक गेंदबाज उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन से परहेज नहीं है. गेंदबाजी के दौरान गेंद को हाथ से छोड़ने से पहले जो वो रुकते हैं, दिक्कत उससे हैं. लेकिन, अश्विन को वो दिक्कत भी दिक्कत नहीं लगती. उन्होंने श्रीवत्स गोस्वामी को आड़े हाथ लेते हुए पाकिस्तानी स्पिनर को डिफेंड किया है.
उस्मान तारिक को लेकर अश्विन ने क्या कहा?
अश्विन ने श्रीवत्स गोस्वामी को जवाब देते हुए अपने एक्स हैंडल पर लिखा- मान लिया कि फुटबॉल में रुकने की इजाजत नहीं. पर क्या बल्लेबाज के लिए बिना अंपायर या गेंदबाज को बताए स्विच हिट या रिवर्स मारना सही है, जबकि उसे पता है कि एक साइड से ही बल्लेबाजी करनी है. प्रतिबंध हमेशा सिर्फ गेंदबाजों तक ही सीमित क्यों हो? गेंदबाजों को बिना अंपायर को बताए आर्म बदलने की भी इजाजत क्यों नहीं होती? सबसे पहले तो उन्हें क्रिकेट के ये नियम बदलने चाहिए.
4 मैचों में 11 विकेट चटका चुके उस्मान तारिक
उस्मान तारिक अपने नए और अनोखे बॉलिंग एक्शन के चलते बल्लेबाजों के लिए मिस्ट्री बने हुए हैं. उसी का नतीजा है कि पाकिस्तान के लिए अब तक खेले 4 T20 इंटरनेशनल मैचों में वो 11 विकेट चटका चुके हैं. अपने करियर का 5वां मैच उस्मान तारिक भारत के खिलाफ खेलेंगे. देखना ये है कि स्पिन खेलने में महारत रखने वाले भारतीय बल्लेबाजों के सामने वो कितना सफल होते हैं?
