Vedant Samachar

“कोई भी व्यक्ति आपको शारीरिक रूप से चोट पहुँचाने का अधिकार नहीं रखता, चाहे वह आपका प्रिय ही क्यों न हो”: सुम्बुल तौकीर खान

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0 सुम्बुल ने हाल ही में सोनी सब के धारावाहिक इत्ती सी खुशी में थप्पड़ वाला दृश्य शूट किया

मुंबई। सोनी सब का लोकप्रिय शो इत्ती सी खुशी दर्शकों के दिलों को छूता आ रहा है, क्योंकि यह रोज़मर्रा के रिश्तों को ईमानदारी और गहराई से दिखाता है। कहानी के केंद्र में है अन्विता, जिसे सुम्बुल तौकीर खान निभा रही हैं। अन्विता एक ऐसी महिला है, जिसने अपनी उम्र से कहीं अधिक ज़िम्मेदारियाँ चुपचाप निभाई हैं। परिवार की देखभाल से लेकर विवाह को धैर्य और दृढ़ता के साथ निभाने तक, अन्विता की यात्रा हमेशा उन छोटे-छोटे तथा अनदेखे त्यागों के बारे में रही है, जो उसकी ज़िंदगी को आकार देते हैं।

वर्तमान ट्रैक में दर्शक एक अहम् मोड़ देखते हैं, जब अन्विता अपने पति संजय (ऋषि सक्सेना) द्वारा थप्पड़ मारे जाने पर चुप रहने के बजाए आत्मसम्मान को चुनती है। इस बातचीत में सुम्बुल तौकीर खान ने इस गहन दृश्य को निभाने के अनुभव और अन्विता के निर्णय के मायने साझा किए।

  1. यह थप्पड़ वाला दृश्य अन्विता के लिए परिवर्तनकारी था। इसे निभाते समय आपके मन में क्या चल रहा था?
    वह दृश्य लगभग नौ मिनट लंबा था और उसमें बहुत सारी पंक्तियाँ थीं। आमतौर पर मैं अपने दृश्य अच्छी तरह से रिहर्सल करती हूँ, लेकिन इस बार मैंने नहीं किया। हमने इसके लिए केवल दो बार रिहर्सल किया। मैंने सिर्फ यह तय किया कि इसे उसी तरह निभाऊँगी, जैसा कि उस पल में मैं महसूस कर रही थी। मैंने कैमरे या उसके दिखने के बारे में नहीं सोचा; बस भावनाओं में रही और उसे स्वाभाविक रूप से होने दिया।
  2. चुप रहने के बजाए अन्विता बोलती है और दूर चली जाती है। यह निर्णय उसकी आंतरिक शक्ति के बारे में क्या कहता है?
    बहुत-से लोग इस तरह के अत्याचार का सामना करते हैं और उनसे उम्मीद की जाती है कि वे इसे सहन करें, खासकर जब यह साथी से आता है, चाहे वह किसी भी लिंग का हो। लेकिन, किसी को भी आपको चोट पहुँचाने का अधिकार नहीं है, यहाँ तक कि जिसे आप प्यार करते हैं, उसे भी नहीं।
  3. यह ट्रैक उस सच्चाई को उजागर करता है, जिसका सामना कई लोग करते हैं। आपको क्यों लगता है कि ऐसे क्षणों को टीवी पर संवेदनशीलता से दिखाना ज़रूरी है?
    मुझे लगता है कि यह ट्रैक जानकारीपूर्ण है। जो हम दिखा रहे हैं, उसे केवल महिलाओं ही नहीं बल्कि पुरुषों को भी देखना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में अत्याचार सही नहीं है और टेलीविज़न में उन बातचीतों को शुरू करने की ताकत होती है।
  4. क्या आपको लगता है कि अन्विता की यात्रा उन लोगों से जुड़ पाएगी, जो आत्मसम्मान को भावनात्मक निर्भरता से ऊपर रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं?
    हाँ, बिल्कुल। अन्विता हमेशा से स्वतंत्र रही है, यहाँ तक कि शादी के दौरान भी। वह कभी भावनात्मक या आर्थिक रूप से निर्भर नहीं रही। चाहे आप विवाहित हों, अविवाहित हों या फिर रिश्ते में हों, मैं दृढ़ता से मानती हूँ कि स्वतंत्रता बहुत महत्वपूर्ण है। जब आप भीतर से मज़बूत होते हैं, तो आप सही के लिए खड़े होने की बेहतर स्थिति में होते हैं।
  5. एक अभिनेता के रूप में, क्या इस तरह का गहन दृश्य निभाने में कोई व्यक्तिगत चुनौती रही?
    यह दृश्य हमारे सामान्य भावनात्मक दृश्यों से बहुत अलग था। मैंने इसे तकनीकी रूप से नहीं देखा या ज़्यादा योजना नहीं बनाई। मैं बस चाहती थी कि यह ईमानदार लगे। मैंने खुद को स्वाभाविक रूप से प्रतिक्रिया देने दिया, जैसा कि मैं उस पल में महसूस कर रही थी। यह भावनात्मक रूप से भारी था, लेकिन वही ईमानदारी इसे सच्चा बनाती है।
  6. आप चाहती हैं कि दर्शक अन्विता के इस कदम से क्या सीखें?
    मैं सच में चाहती हूँ कि लोग समझें कि अन्विता ने जो किया वह सही था। आज भी कई स्थितियों में हिंसा को नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है या सामान्य माना जाता है, खासकर विवाह में। मैं चाहती हूँ कि यह ट्रैक लोगों को यह एहसास दिलाए कि किसी को भी आपको शारीरिक रूप से चोट पहुँचाने का अधिकार नहीं है, यहाँ तक कि जिसे आप प्यार करते हैं उसे भी नहीं। यही संदेश मैं चाहती हूँ कि दर्शक इस चरण से लेकर जाएँ।

इत्ती सी खुशी देखना न भूलें, हर सोमवार से शनिवार रात 9:00 बजे, केवल सोनी सब पर।

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