मुंबई । बॉलीवुड की कॉमेडी फिल्मों से दर्शकों को हंसी का तोहफा देने वाले अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों गंभीर कानूनी संकट से गुजर रहे हैं। चेक बाउंस मामले में अदालत के आदेश के बाद राजपाल यादव ने हाल ही में तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया है। इस घटनाक्रम ने फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों को भी चौंका दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरेंडर से पहले राजपाल यादव काफी भावुक और परेशान नजर आए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा। यहां हम सब अकेले हैं, कोई दोस्त नहीं है। मुझे इस मुश्किल से अकेले ही निपटना होगा।” उनके इस बयान से उनकी मानसिक स्थिति और आर्थिक तंगी का अंदाजा लगाया जा सकता है। दरअसल, 2 फरवरी को दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को सरेंडर करने का निर्देश दिया था।
अभिनेता के वकील ने अदालत को बताया था कि राजपाल यादव ने 50 लाख रुपये की व्यवस्था कर ली है और भुगतान के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा था। हालांकि, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने समय बढ़ाने की अर्जी खारिज कर दी। इसके बाद गुरुवार को अभिनेता ने तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया। यह मामला लगभग 5 करोड़ रुपये के चेक बाउंस से जुड़ा है। राजपाल यादव ने फिल्म प्रोडक्शन के लिए मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से यह राशि उधार ली थी।
कंपनी का आरोप है कि रकम लौटाने के लिए दिए गए कई चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। निचली अदालत ने राजपाल यादव को दोषी ठहराते हुए 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। बाद में हाई कोर्ट ने सजा पर अस्थायी रोक लगाई थी, लेकिन शर्त रखी थी कि अभिनेता कंपनी को बकाया राशि चुकाएंगे। अदालत में कई बार भुगतान का वादा किया गया, लेकिन तय समय पर राशि जमा नहीं की गई। कोर्ट ने इसे भरोसे का उल्लंघन बताते हुए कड़ा रुख अपनाया। अब राजपाल यादव का जेल जाना एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि कानून के सामने कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना ही बड़ा कलाकार क्यों न हो, जवाबदेही से बच नहीं सकता।
