जैसलमेर,10 फरवरी। राजस्थान के जैसलमेर जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजकीय जवाहिर चिकित्सालय को ‘डॉग फ्री जोन’ बनाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने अनोखा कदम उठाया है। अस्पताल परिसर में आवारा कुत्तों की बढ़ती आवाजाही पर रोक लगाने के लिए दंत रोग विशेषज्ञ को ही ‘कुत्ता भगाओ अभियान’ का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग जयपुर से मिले निर्देशों के बाद अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह अभियान शुरू किया है। इसके तहत डेंटल सर्जन डॉ. सरदारा राम को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे अस्पताल परिसर में आवारा कुत्तों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करें। अब वे दंत उपचार के साथ-साथ अस्पताल परिसर की निगरानी में भी अहम भूमिका निभाएंगे। प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डॉ. रविन्द्र सांखला ने बताया कि मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि आवारा कुत्ते वार्डों, ओपीडी और कचरा पात्रों के आसपास डटे रहते हैं, जिससे मरीजों में भय का माहौल बनता है। इसके साथ ही संक्रमण फैलने और हादसों की आशंका भी बनी रहती है। इसी को देखते हुए यह विशेष व्यवस्था लागू की गई है।
एक्शन में अस्पताल प्रबंधन!
अस्पताल प्रशासन की ओर से ‘कुत्ता भगाओ मिशन’ के तहत कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। जहां अस्पताल की बाउंड्री वॉल नीची है, वहां उसे ऊंचा किया जाएगा। प्रवेश द्वारों पर गेट प्रबंधन को सख्त किया जाएगा ताकि कुत्तों का प्रवेश रोका जा सके। इसके अलावा नगर परिषद के साथ समन्वय कर परिसर में मौजूद आवारा कुत्तों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालकर दूर छोड़ा जाएगा। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि मरीजों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण में इलाज उपलब्ध कराना है। अनोखे आदेश के चलते यह अभियान शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
