Vedant Samachar

केंद्रीय रेल मंत्री वैष्णव ने आसनसोल-बोकारो मेमू ‘लाइफलाइन’ को दिखाई हरी झंडी

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नई दिल्ली,09 फरवरी । पूर्वी भारत के औद्योगिक परिदृश्य में रविवार को एक ऐतिहासिक परिवर्तन दर्ज हुआ, जब बहुप्रतीक्षित आसनसोल–बोकारो स्टील सिटी मेमू सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस सेवा को हरी झंडी दिखाई। कार्यक्रम में सुवेंदु अधिकारी, नेता प्रतिपक्ष (पश्चिम बंगाल) की उपस्थिति रही। डिजिटल माध्यम और जमीनी उत्साह के संगम ने इस उद्घाटन को विशेष बना दिया।

इस समर्पित मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (MEMU) सेवा के शुभारंभ के साथ ही उन हजारों कामगारों, विद्यार्थियों और छोटे व्यापारियों की वर्षों पुरानी कठिनाइयों का अंत हो गया, जिन्हें अब तक महंगे बस सफर या अनियमित एक्सप्रेस ट्रेनों पर निर्भर रहना पड़ता था।

औद्योगिक हृदयभूमि के लिए गेम-चेंजर
नई सेवा पश्चिम बर्धमान, पुरुलिया और बोकारो को जोड़ते हुए एक तेज़, सुलभ और किफायती “स्टील कॉरिडोर” का निर्माण करती है।

श्रमबल को सशक्तिकरण: दोनों शहरों में स्थित सेल (SAIL) इकाइयों के तकनीकी कर्मचारियों और श्रमिकों को अब दैनिक आवागमन के लिए सीधा और भरोसेमंद साधन मिलेगा, जिससे औद्योगिक समन्वय सुदृढ़ होगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा: यह मेमू सेवा छोटे-छोटे मध्यवर्ती स्टेशनों पर ठहराव देती है, जिससे पुरुलिया एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को दोनों स्टील शहरों के बड़े बाजारों तक किफायती पहुंच मिलेगी।

सीमाओं से परे शिक्षा: सैकड़ों विद्यार्थी अब राज्य सीमा पार स्थित प्रमुख कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों तक प्रतिदिन आ-जा सकेंगे, जिससे महंगे हॉस्टल या किराये के आवास की आवश्यकता समाप्त होगी।

किफायती आवागमन: कम लागत वाले मासिक सीजन टिकटों की शुरुआत से दैनिक मजदूरों और नियमित यात्रियों के लिए लंबी दूरी की यात्रा अब व्यवहार्य हो गई है।

यात्रा मानकों में क्रांतिकारी उन्नयन
पुरानी परिवहन व्यवस्था की तुलना में यह मेमू सेवा क्षेत्रीय गतिशीलता में व्यापक बदलाव लाती है। जहां पहले यात्रियों को कई बस बदलने, ईंधन लागत और सड़क जाम जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था, वहीं अब अनुदानित मासिक पास दैनिक यात्रा को अत्यंत सुलभ बनाते हैं।

विश्वसनीयता के लिहाज से यह सेवा सड़क यातायात और मानसून जनित अवरोधों से मुक्त तेज़, सर्व-ऋतु विद्युत रेल कॉरिडोर प्रदान करती है, जो समयपालन सुनिश्चित करता है। साथ ही, एक्सप्रेस ट्रेनों द्वारा उपेक्षित रहे छोटे ग्रामीण ठहरावों को शामिल कर यह सेवा पुरुलिया के ग्रामीण अंचलों तक सीधी कनेक्टिविटी देती है—जिससे संकरी, भीड़भाड़ वाली सड़कों की तुलना में यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम हो गई है।

स्थानीय जीवन पर प्रभाव
परिवहन से आगे बढ़कर, इस सेवा से मध्यवर्ती स्टेशनों पर आर्थिक गतिविधियों में तेज़ी आने की उम्मीद है। नियमित यात्रियों की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय दुकानों और सेवाओं का विकास होगा। इसके अतिरिक्त, मानसून के दौरान भी विश्वसनीय संचालन से मौसम-जनित सड़क बंदी का असर कम होगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था निर्बाध रूप से चलती रहेगी।

यह मेमू सेवा न केवल दो स्टील शहरों को जोड़ती है, बल्कि रोज़गार, शिक्षा और समावेशी विकास के नए द्वार खोलते हुए पूर्वी भारत के औद्योगिक भविष्य को नई गति देती है।

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