चेन्नई,07 फरवरी। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में हाल ही में 1500 से अधिक कौवों की अचानक मौत ने शहर में सनसनी फैला दी है। जांच में पुष्टि हुई है कि इन मौतों के पीछे H5N1 वायरस यानी एवियन इन्फ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) का हाथ है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने आम जनता के लिए विशेष हेल्थ एडवाइजरी जारी की है, ताकि लोग संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरत सकें।
जनवरी के अंतिम सप्ताह से ही शहर के अलग-अलग इलाकों में पेड़ों से पक्षियों के गिरने की खबरें आने लगी थीं। मृत कौवों की संख्या तेजी से बढ़कर 1500 के करीब पहुंच गई। इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने डिजीज सर्विलांस और रोग निगरानी प्रोटोकॉल लागू कर दिया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस वायरस को पोल्ट्री फार्मों और इंसानों तक फैलने से रोकना है।
स्वास्थ्य मंत्री सुब्रमणियन ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं है। राज्य के पशु चिकित्सा विभाग और सार्वजनिक स्वास्थ्य टीमें प्रभावित इलाकों की मैपिंग कर रही हैं। राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी इंसान में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं पाए गए हैं।
बर्ड फ्लू क्या है और कैसे फैलता है
एवियन इन्फ्लुएंजा मुख्य रूप से पक्षियों की लार, मल और मूत्र के जरिए फैलता है। संक्रमित पक्षी या जानवरों के संपर्क में आने से अन्य पक्षी और जानवर भी संक्रमित हो सकते हैं।
इंसानों में संक्रमण का खतरा
हालांकि इंसानों में यह वायरस दुर्लभ है, लेकिन सीधे संपर्क में आने या अधपका मांस/अंडे खाने से संक्रमण का जोखिम हो सकता है। इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते हैं, जैसे: तेज बुखार, खांसी गले में खराश, नाक बहना जोड़ों में दर्द और अत्यधिक थकान।
सरकार ने लोगों को दी सावधानियों की सलाह
किसी भी मृत या बीमार पक्षी के पास न जाएं। हाथों की सफाई पर ध्यान दें, नियमित अंतराल पर साबुन से धोएं। चिकन या अंडे को पूरी तरह पकाकर ही खाएं। किसी मृत पक्षी को देखते ही नगर निगम को तुरंत सूचना दें।
तमिलनाडु सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सावधानी बरतें और स्वास्थ्य विभाग की हिदायतों का पालन करें।
