खैरागढ़,02 फरवरी(वेदांत समाचार)। छुईखदान विकासखंड से लगभग 11 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम टोपामड़वाभाटा बुजबूजी में माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय पारंपरिक आदिवासी मेला श्रद्धा और विश्वास के साथ संपन्न हुआ। घने जंगलों के बीच स्थित प्रसिद्ध बुजबूजी धाम वर्षों से आदिवासी समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां भगवान शिव एवं मां बुजबूजी विराजमान हैं। मेले के दौरान आसपास के ग्रामीण अंचलों सहित दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। जनमान्यता है कि बुजबूजी कुंड में स्नान करने से खुजली, दाद सहित अनेक चर्म रोगों से राहत मिलती है, इसी विश्वास के कारण कुंड में स्नान करने वालों की भारी भीड़ देखी गई। श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
तीन दिनों तक चले मेले में पारंपरिक पूजा-पाठ, लोक अनुष्ठान और आदिवासी रीति-रिवाजों की सजीव झलक देखने को मिली। यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है।



