अनूपपुर, 05 अप्रैल (वेदांत समाचार)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा बस स्टैंड के समीप स्थित ‘अग्रवाल लॉज’ की बहुमंजिला इमारत ढहने से शनिवार शाम बड़ा हादसा हो गया। घटना के समय इमारत के ऊपरी हिस्से में निर्माण कार्य चल रहा था, वहीं पास में नींव की खुदाई भी जारी थी, जिससे हादसे की गंभीरता बढ़ गई। इमारत ढहते ही कई लोग मलबे में दब गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश के बाद साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के सीएमडी हरीश दुहन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। SECL ने तुरंत एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों से संपर्क स्थापित कर समन्वित रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया।

SECL की चार विशेषज्ञ रेस्क्यू टीमें जमुना-कोतमा, हसदेव और सोहागपुर क्षेत्रों से तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना की गईं और करीब 35 मिनट में मौके पर पहुंचकर स्थानीय प्रशासन के साथ बचाव कार्य में जुट गईं। भारी मलबे और लगातार खिसकने के खतरे के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। टीमों ने पूरी रात और अगले दिन दोपहर तक अभियान जारी रखा।
मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए एक्स्कवेटर मशीनों की मदद से सावधानीपूर्वक मलबा हटाया गया। इस दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला।
रेस्क्यू अभियान के दौरान मलबे से कुल 4 शव बरामद किए गए, जिनमें 3 पुरुष और 1 महिला शामिल हैं। पूरे अभियान में सुरक्षा मानकों और संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखा गया।
इस अभियान में एसईसीएल के अधिकारियों और टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एजीएम मनोज बिश्नोई, प्रभाकर त्रिपाठी, जीएम (ऑपरेशन्स) अजय कुमार और एजीएम बी.के. जेना सहित पूरी टीम ने कठिन परिस्थितियों में सराहनीय कार्य किया।
संकट की इस घड़ी में SECL की तत्परता और पेशेवर कार्यशैली ने एक बार फिर आपदा प्रबंधन में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को साबित किया है।
